विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को जिले की चारों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। वहीं सपा हाईकमान में रार के चलते समर्थकाें में असमंजस की स्थिति है। जबकि कांग्रेस में कोई हलचल नहीं दिख रही है तो भाजपा समर्थक उम्मीदवारों को लेकर कयास लगा रहे हैं।
बसपा ने एटा सदर सीट से गजेंद्र सिंह चौहान, मारहरा से शलभ बाबू माहेश्वरी, जलेसर सीट से पालिका चेयरमैन मोहन सिंह हैप्पी और अलीगंज सीट से राम किशोर यादव को प्रत्याशी घोषित किया है।
घोषणा होने के साथ ही बसपा प्रत्याशियों ने प्रचार शुरूकर दिया है। सपा की बात करें तो हाईकमान में चल रही रार और स्थानीय गुटबाजी के चलते कार्यकर्ता और मतदाता असमंजस में हैं। सीएम अखिलेश यादव की सूची में सदर सीट से जुगेंद्र सिंह यादव तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की सूची में विधायक आशीष यादव आशू को प्रत्याशी बनाया गया है। बाकी सीटों पर पार्टी के सिटिंग एमएलए को टिकट दिया गया।
सैफई परिवार में कलह के चलते अभी तक प्रत्याशियों को लेकर भ्रम की स्थिति है। सदर सीट पर विधायक आशू यादव और जुगेंद्र सिंह दमखम से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। कांग्रेस विधानसभा चुनाव को लेकर कछुआ गति से चल रही है। अब तक पार्टी में टिकट वितरण को लेकर हलचल नजर नहीं आ रही है। वहीं भाजपा में विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण नहीं हुआ है। पार्टी ने 13 जनवरी को प्रत्याशियों की सूची जारी करने की बात कही है।
मारहरा से कल्याण सिंह के पौत्र की चर्चा
जिले की मारहरा सीट से भाजपा में राजस्थान के राज्यपाल कल्यान सिंह और सांसद राजवीर सिंह के पुत्र को टिकट मिलने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि सांसद के बेटे संजू सिंह को भाजपा चुनाव मैदान में उतार सकती है। दरअसल मारहरा सीट लोधी बहुल है।