गैस सब्सिडी खातों में जाने के आदेश से दलालों में खलबली है। अब उन्हें कालाबाजारी पर लगाम लगने की चिंता सताने लगी है। उपभोक्ता आधार कार्ड एवं खाता खुलवाने में लगे हैं।
गैस कंपनियों के फरमान के बाद कालाबाजारी पर लगाम कसी जा रही हैं। अब दलाल पहले की तरह मनमानी नहीं कर सकेंगे। अब वे किसी और के कनेक्शन का लाभ कालाबाजारी में नहीं उठा सकेंगे। दशकों से दूसरे के कनेक्शन से अपना काम चला रहे लोगों में भी खलबली है।
अब उन्हें सब्सिडी न मिलने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में अधिकांश उपभोक्ता जहां अपने नाम पर कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। तो वहीं कुछ लोग अन्य की गैस अपने नाम ट्रांसफर करवा रहे हैं। इसके लिए वे गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
बेकार हुए फर्जी कनेक्शन
फर्जी कनेक्शन के नाम पर कालाबाजारी कर रहे एजेंसी संचालकों के भी माथों पर बल हैं। अब उन्हें सब्सिडी का पैसा मिलता नजर नहीं आ रहा है। लोगों की मानेें तो ऐसे में जनपद के हजारों कनेक्शन सरेंडर हो जाएंगे। और डिलीवरी के आंकड़ों में भी गिरावट आएगी।
ये है नई सब्सिडी पॉलिसी
भारत सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं को सिलेंडर रिफिल कराते समय पूरा भुगतान करना होगा। जबकि रियायत उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। विभागीय जानकारी के अनुसार पहली बुकिंग के बाद ही खातों में सब्सिडी पहुंचेगी। ताकि उपभोक्ता इन पैसों को मिलाकर गैस खरीद सके। वहीं शेष सब्सिडी सिलेंडर डिलीवरी के बाद खातों में पहुंचेगी।
यह होगी सब्सिडी
आज के रेट पर बिना सब्सिडी के सिलेंडर का भाव 791 रुपये है। जबकि सब्सिडी सहित इसका भाव 437 रुपये है। ऐसे में सब्सिडी 354 रुपये कही जा सकती है। लेकिन जानकारों के अनुसार आदेश लागू होने तक सब्सिडी 284 रुपये होगी। ऐसे में गैस के भाव गिरने की उम्मीद है।
ये हैं परेशानियां
नई नीति से गरीबों में भी मायूसी है। इनका कहना है कि अब उन्हें गैस लेेने के लिए और अधिक रुपयों का इंतजाम करना होगा। ऐसे में वे गैस का उपभोग नहंी कर सकेंगे।
जनपद में संचालित विभिन्न कंपनियों की 15 गैस एजेंसियों पर लगभग एक लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से एटा शहर में ही 62 हजार से अधिक गैस ग्राहक हैं।
जिले में कुल 15 गैस एजेंसियां हैं। इनमें एक भारत, तीन एचपी एवं शेष 11 इंडेन की हैं।
एटा-05
अवागढ़-02
जलेसर-01
सकीट-01
मिरहची-01
राजा का रामपुर-01
अलीगंज-01
धुमरी-01
खरसुलिया-01
सराय अगहत-01