एटा। नगर पालिका क्षेत्र के दिनेश नगर और श्मशान घाट पर निर्माण कार्य में कच्ची ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, मानक के अनुरूप सामग्री भी नहीं लगाई जा रही। मजे की बात यह है कि जब इसके बारे में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो अधिशासी अधिकारी ने निर्माण से संबंधी जानकारी होने से इनकार कर दिया।
उन्हें यह तक नहीं मालूम था कि उनके नगरीय क्षेत्र में कोई नाला-नाली का निर्माण चल रहा है या नहीं। वहीं, जब मामले में जेई से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कार्यों की सूची मिलने से ही इनकार कर दिया। इससे साफ है कि अधिकारी अपने कर्तव्यों से बचकर एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
दिनेश नगर : नाली के निर्माण में मानक के अनुरूप नहीं लगाया जा रहा सामान
शहर के शांति नगर के समीप स्थित दिनेश नगर में इन दिनों एक गली में नाली का निर्माण पालिका द्वारा कराया जा रहा है। यहां बालू के साथ दस एक का मसाला लगाया जा रहा है।
वहीं कच्ची ईंटों के साथ ही टुकड़ा और अद्धा तक नाली के निर्माण में लगाए जा रहे हैं। मौके पर पड़ताल की गई तो ठेकेदार मौजूद नहीं मिले, जबकि मिस्त्री और कर्मचारी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे।
श्मशान घाट: खाली पड़ी जमीन पर मिट्टी डालकर किया जा रहा समतल
श्मशान घाट में पीछे खाली पड़ी जमीन पर मिट्टी डालकर उसे समतल करने के बाद पैदल पारपथ और बेंच लगाई जा रही हैं। बाउंड्री में भी कच्ची ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मसाला भी इतना घटिया स्तर का था कि हाथ में लेकर मसलने पर चूरा हो गया। मौके पर काम बंद था और यहां भी कोई जानकारी देने वाला नहीं मिला।
दिनेश नगर में चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी नहीं है। निर्माण क्षेत्र जेई डीएन यादव के जोन में आता है। वह जाकर वहां पता करें कि क्या काम चल रहा है। कार्य में मानकों के अनुरूप सामग्री लगाई जा रही है या नहीं। -डॉ. दीप वार्ष्णेय, ईओ पालिका
मुझे आए अभी एक माह ही हुआ है। हो सकता है कि मेरे से पहले का टेंडर हो। अभी तक मुझे केवल एक सकीट रोड पर नाला निर्माण की जानकारी दी गई है। मेरे जोन में चल रहे निर्माण की कोई लिस्ट नहीं दी गई है। अब मुझे लिखित में लिस्ट मांगनी पड़ेगी। दिनेश नगर में देखना पड़ेगा क्या काम चल रहा है।- डीएन यादव, जूनियर इंजीनियर
निरीक्षण कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
दिनेश नगर और श्मशान घाट में कच्ची ईंटों से निर्माण चल रहा है। यह अमर उजाला की टीम के आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। इसका निरीक्षण कर दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य में कच्ची ईंटों और अधोमानक मसाले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पटियाली गेट पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य स्थानों पर भी सैंपल जांच को भेजे जाएंगे और दोषियों का पेमेंट रोककर कार्रवाई की जाएगी।
विवेक मिश्रा, एडीएम प्रशासन
-दिनेश नगर में कच्ची और अद्धा ईंटों से नाली बनाई जा रही है, एक पैर में गिर जाएगी, इसके बाद फिर जलभराव होगा।-भोला, स्थानीय निवासी
-नाली के निर्माण में अव्वल ईंटों का उपयोग करना चाहिए। मसाला भी इतना कमजोर है कि भविष्य में नाली खोदाई होगी।-अतुल, स्थानीय निवासी
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