एटा। नगर पालिका एटा में फैली भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुल रही हैं। अब पालिका की जेनरेटर लॉग बुक में भी गोलमाल सामने आया है। लॉग बुक ही नहीं बनवाई गई और पर्चियों पर ही डीजल का भुगतान किया जा रहा है। इसको लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर पालिका परिषद में रखे जेनरेटर की लॉग बुक का 2020 से पता नहीं है। पालिका प्रांगण में रखे जेनरेटर में इस माह शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद ये मामला सामने आया है। संबंधित कर्मचारी के पास साल 2014 से 2020 तक की लॉग बुक और डीजल खर्च का ब्योरा तो उपलब्ध है, लेकिन साल 2021 में जेनरेटर की लॉग बुक ही तैयार नहीं की गई है। सात माह में नगर पालिका में जेनरेटर चलाने के लिए सैकड़ों लीटर डीजल प्रयोग किया गया जिसका ब्योरा किसी के पास नहीं है। इससे डीजल की खरीद में गोलमाल का संदेह खड़ा हो गया है।
माह में औसतन 150 लीटर खर्च होता है डीजल
नगर पालिका में रखे जेनरेटर पर एक माह में औसतन 150 लीटर डीजल खर्च होता है। पूरे साल में 1800 लीटर डीजल औसतन खर्च होता है, लेकिन लॉग बुक में डीजल का कितना प्रयोग किया जाता है, इसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। सिर्फ पेट्रोल पंप से रशीद लाकर लेखाकार को दे दी जाती हैं और भुगतान कर दिया जाता है।