यूपी के एटा जिले में बुधवार को दंगल का आयोजन हुआ। यह आयोजन जलेसर विकासखंड क्षेत्र के सकरौली गांव में हुआ। '...अरे यह चला चरखा दांव और यह हुआ चित। देखो उस पहलवान ने मुल्तानी टांग का पेच चलाकर अपने प्रतिद्वंदी को कैसे पटकनी दी है।' ऐसे ही कुछ नजारे कुश्ती दंगल में देखने को मिले। इसमें ब्रज के पहलवानों का दबदबा रहा। आखिरी कुश्ती स्थानीय रंगा पहलवान ने वाराणसी के पहलवान से जीती।
शुभारंभ भाकियू (किसान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर व ग्राम प्रधान पवन प्रजापति ने किया। दंगल में प्रदेश के झांसी, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, उन्नाव, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस जनपद के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के भी राष्ट्रीय स्तर के पहलवान पहुंचे।
उन्होंने एक-दूसरे पर तरह-तरह के दांव आजमाए। जिन्हें देखकर लोग रोमांचित होते रहे। जैसे-जैसे पहलवान दाव-पेच चलाते, वैसे ही दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से उनकी हौसंला अफजाई करते थे। इन दाव-पेचों को देखने की खातिर दर्शक करीब पांच घंटे चले दगंल में डटे रहे।
पहली 31000 की आखिरी कुश्ती सकरौली के रंगा पहलवान व वाराणसी के लालजी पहलवान के बीच हुई। जिसमें रंगा पहलवान ने वाराणसी के पहलवान को चित कर दिया। दूसरी अखिरी कुश्ती राजेश पहलवान सेमरा व गूंगा पहलवान हाथरस के बीच बराबरी पर छूटी। खेलो गेम की चैंपियन सुर्ती पहलवान के समक्ष कोई पहलवान नहीं आया।
उनको दंगल कमेटी ने सम्मानित कर प्रतीक चिह्न भेंट किया। वहीं कमेटी ने लगातार तीन वर्षो से अखिरी कुश्ती जीतने वाले रंगा पहलवान को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र सिंह, शिव प्रताप सिंह, पूर्व विधायक रणजीत सुमन, पुष्पेन्द्र सिंह, मोती ठाकुर, पिंका ठाकुर, विल्ला आदि मौजूद रहे।