एटा के थाना रिजोर क्षेत्र के गांव विक्रमपुर फफोतू निवासी सुखवीर सिंह ने बताया कि बेटा दीपक (21) तीन भाइयोें में सबसे बड़ा था। दिवाली से चार दिन पूर्व खेत पर फसल की रखवाली करने गया था। वहां एक सियार ने उसके ऊपर हमला कर दिया। उसके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे और किसी तरह से बेटे को बचाया।
गंभीर हालत में लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आए। यहां से उपचार के बाद उसको घर भेज दिया गया। इसी बीच उसको दो एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा दीं। बताया कि 4 नवंबर को बड़ी बहन प्रियंका की शादी के कारण तीसरी वैक्सीन नहीं लग पाई। 24 नवंबर को सुबह के समय उसकी हालत बिगड़ने लगी। पानी से डरने लगा और अलग तरीके का व्यवहार करने लगा। यह देखकर मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां से हालत नाजुक देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने उपचार न होने की बात कहकर घर भेज दिया। मंगलवार तड़के 3:30 बजे दीपक की मौत हो गई। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
एंटी रेबीज ही बचाव का एकमात्र साधन
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में तैनात डॉ. सुमित चौधरी ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना ही एकमात्र उपाय है। अगर सियार काट लेता है तो पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें और 28वें दिन एंटी रेबीज का टीका लगाया जाना आवश्यक है। लापरवाही बरतने पर कई मामलों में पीड़ित की मौत तक हो सकती है। इसके अलावा जिस समय व्यक्ति को काटा है इस समय घाव की अच्छे से सफाई होना भी आवश्यक है।