एटा। सीबीएसई नॉर्थ और फॉर नॉर्थ जोन की बॉक्सिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को सेमीफाइनल के रोचक मुकाबले हुए। शहर के श्याम बिहारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 15 प्रदेशों के 500 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। शनिवार के खेल का शुभारंभ बॉक्सिंग कोच हसन राजा जैदी ने किया।
सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले हुए। प्रधानाचार्य गौरव चौहान ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। स्पेशल जूरी में बनारस के अरुण शर्मा, कानपुर के संजय गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई। वहीं रेफरी की भूमिका पवन, अतुल व अमर ने निभाई।
यह रहे विजेता:
प्रतियोगिता में सेंट एंड्रूूस आगरा की कार्तिका, बीपीएस बनारस के विकास यादव, गोरखपुर के आर्मी स्कूल की आयुष सिंह, लहरतारा के सनबीम स्कूल के अविनाश, धनबाद पब्लिक स्कूल धनबाद के अमन कुमार व खेलगांव के सुदीप कुमार के साथ आर्मी स्कूल बनारस के आसिफ, आगरा की सान्या, प्रयागराज के शैलष, देवधर की अदिती, आनंद व रांची के प्रयांशु मिश्रा विजयी रहे।
कोच को बनाया आइडियल
पिता का सपना था कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन उनकी खेल में रुचि देख उन्हें आगे बढ़ने दिया। आईपीएससी राजस्थान में बॉक्सिंग में मेडल जीत चुके हैं। कोच सुरजीत को आइडियल मानते हैं।
प्रियांशु मिश्रा, रांची।
डिफेंस में बनाना चाहती करियर
डिफेंस में जाना चाहती हूं। बीते तीन माह से बॉक्सिंग सीख रही हूं। शनिवार को पहली बार रिंग में उतरीं। उससे पहले डर सता रहा था, कोच की कही बात याद कीं, आगे बढ़ी और जीत हासिल की।
अदिती, देवधर।
मामा का देखकर आए बॉक्सिंग में
मामा बॉक्सिंग में नेशनल चैंपियन हैं। उन्हीं की प्रेरणा से तीन वर्ष से बॉक्सिंग सीख रहे हैं। अब तक मेरठ, बनारस, दिल्ली, पुणे व जबलपुर में रिंग में उतर चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर नाम की दरकार है।
शैलेश, प्रयागराज।
जज बनना चाहती हूं
तीन वर्ष से बॉक्सिंग सीख रही हूं। मैरीकॉम को अपना आइडियल़ मानती हूं। स्टेट लेवल प्रतियोगिता में भाग ले चुकी हैं। खेल के अलावा जज बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
सान्या, आगरा।
प्रतिवर्ष कराई जाती है प्रतियोगिता
सीबीएसई द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष प्रतियोगिता कराई जाती है। बॉक्सिंग में छात्राओं का रुझान ज्यादा बढ़ रहा है। खेलों की तरफ ग्रामीण क्षेत्र का रुझान बढ़े। इसलिए प्रतियोगिता महानगर को छोड़कर एटा में कराई गई है। बीते वर्ष प्रतियोगिता झारखंड में हुई थी।
प्रवीण दास त्यागी, कोऑर्डीनेटर सीबीएसई
जिले के बच्चे आएं आगे
जिले की पहचान अपराध व पिछड़ी शिक्षा को लेकर है। वह चाहते हैं कि किसी अन्य वजह से भी जिले की देश स्तर पर पहचान बने। इसलिए बॉक्सिंग प्रतियोगिता कराई है। उन्होंने कहा वह चाहते है कि जिले के बच्चे बॉक्सिंग में आगे निकल कर आए। इसमें बहुत स्कोप है। वह पूरी मदद करेंगे।
गौरव चौहान, प्रधानाचार्य।