एटा। तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द, गले में खराश समेत कई तकलीफों से लोग जूझने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी तक वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों से भरे पड़े हैं। डॉक्टर के मुताबिक दवा खाने पर पांच दिन में राहत मिल जाती है, लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने में 10 दिन का समय लग रहा है। शनिवार को किशोर सहित बालक को डेंगू निकला। वहीं, एक महिला सहित बालक को मलेरिया की पुष्टि हुई।
बरसात का मौसम अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया, साथ ही सर्दी दस्तक देने को तैयार है। बदलते मौसम में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण सक्रिय होकर लोगों को अपनी चपेट में लेने लगा है। वर्तमान समय में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिसिन विभाग में दो कक्षों में मरीजों को चिकित्सक देखते हैं।
इसके बाद भी यहां दोपहर दो बजे के बाद मरीजों की लाइन लगी रहती है। शनिवार को यहां दोनों कक्षों में 630 मरीजों की ओपीडी हुई इसमें 310 मरीज तक बुखार के रहे। बुखार से तपते मरीजों की जांच में डेंगू या मलेरिया पॉजिटिव आ रहा है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि वायरल के संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है। शनिवार को गांव नगला हमीर निवासी 8 वर्षीय गौरव को डेंगू की पुष्टि हुई।
उसे बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं 8 वर्षीय बरुन को मलेरिया की पुष्टि हुई। उसे भी बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया। इसके अलावा गांव ओनेरा निवासी 17 वर्षीय संदीप डेंगू पॉजिटिव आया। बताया गया 3 दिन से बुखार आ रहा था। शहर के मोहल्ला श्याम बिहार कालोनी निवासी 50 वर्षीय सुनीता मलेरिया पॉजिटिव आईं।