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विदाई ले गए मेहमान परिंदे, स्वदेशी पक्षी कर रहे कलरव

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कासगंज की दरियावगंज झील पर कलरव करते विदेशी पक्षी फाइल फोटो - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। काफी दिनों तक आसमान की तरह नीले पानी के आसपास अठखेलियां कर लोगों का मन मोहते रहे मेहमान परिंदों ने मौसम परिवर्तन के साथ ही दरियावगंज झील से विदाई ले ली है। अब सिर्फ स्वदेशी परिंदे ही इस झील की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं।
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पक्षियों को सर्द मौसम सबसे अधिक सुहाता है। तभी तो पिछले दिनों सर्दी के मौसम में सात समंदर पार आसमान में उड़ान भरते हुए मेहमान परिंदे दरियावगंज झील पर पहुंच गए। यहां अफ्रीका, चीन सहित कई देशों के पक्षी पहुंचे। विदेशी पक्षियों ने सर्दी के मौसम में आकर्षण बढ़ाया। यहां स्वदेशी पक्षियों के साथ काफी दिनों तक विदेशी परिंदों ने अठखेलियां कीं, लेकिन जैसे ही मौसम बदलने लगा और तापमान बढ़ने लगा, वैसे ही विदेशी पक्षी अब दरियावगंज झील से विदाई ले रहे हैं। अब यह पक्षी हिमालय और ठंडे इलाकों में चले गए हैं। राजकीय पक्षी सारस सहित अन्य स्वदेशी पक्षी ही इस झील पर आकर्षण बढ़ाए हुए हैं।
दिखाई दे रहे विदेशी दो प्रजाति के कुछ पक्षी
अधिकांश विदेशी प्रजातियों के पक्षी तो यहां से विदाई ले गए हैं, लेकिन अफ्रीकी पक्षी पर्पल मोरेन और कूट्स पक्षी झील पर दिखाई दे रहे हैं। इन दो प्रजातियों के पक्षी स्वदेशी पक्षियों के साथ फिलहाल झील पर मौजूद हैं। वन विभाग का मानना है जैसे ही गर्मी बढ़ेगी यह पक्षी ठंडे इलाके में चले जाएंगे।
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इन प्रजातियों के आए थे परिंदे
विदेशों से ग्रोलेक गूज, कूट्स, कारगोनेट, पर्पल गूज, पर्पल मोरेन, पिंटेन, सोबलर, हैडिक गूज, हैरोज सहित तमाम पक्षी झील पर आए थे। यह विदेशी पक्षी स्वदेशी पक्षी सारस, बगुला, मोर, कबूतर सहित अन्य प्रजातियों के पक्षियों के साथ कलरव करते रहे।
आंकड़े की नजर से-
- 88 राजकीय पक्षी सारस हैं जिले में।
- 25 विदेशी प्रजातियों के पक्षी आए थे झील पर।
- 35 स्वदेशी प्रजातियों के पक्षी झील पर मौजूद।
- कई विदेशी प्रजातियों के पक्षी ऐसे हैं जिन्हें सर्द मौसम ही भाता है और वे ठंडे क्षेत्र में ही रहते हैं। सर्दी के मौसम में दरियावगंज झील पर कई प्रजातियों के विदेशी पक्षी आए थे। जिनमें से अब अधिकांश प्रजातियों के पक्षी तापमान बढ़ते ही चले गए हैं। दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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