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बिल जमा करो तभी बदले जाएंगे फुंके ट्रांसफार्मर

Wed, 18 May 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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कांशीराम कालोनी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में चार स्थानों पर बनी कांशीराम कालोनी में ट्रांसफार्मर फुंकने से वहां रहने वालों को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि इन कालोनियों में 60 ट्रांसफार्मरों में से 25 ट्रांसफार्मर एक साल से खराब पड़े है। लेकिन विद्युत विभाग बिल जमा नहीं होने के कारण खराब ट्रांसफार्मर को बदलने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि  यहां रहने वाले परिवारों पर 15 से लेकर तीस हजार रुपये तक का बिजली बिल वर्षों से बकाया है। कांशीराम निवासियों को निगम ने 3 हजार रुपये बिल जमा करने पर ट्रांसफार्मर बदलने को कहा, लेकिन निवासी इस पर भी तैयार नहीं है। 
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शहर में चार स्थानों पर बसपा सरकार में वर्ष 2009 में 900 कांशीराम आवास बनाकर गरीबों को आवंटित किए गए थे। निगम ने हर 15 आवासों में बिजली आपूर्ति के लिए एक 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है। लेकिन वहां रहने वाले लोगों ने बिजली बिल के नाम पर एक रुपया जमा नहीं किया। कालोनी में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण लोगों को एक दूसरे के घर से कटिया डाल कर बिजली का उपयोग करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बदलने के कारण अधिकारी सुध नहीं ले रहे, यदि बसपा सरकार होती तो बिजली के बिल भी माफ होते और सुविधाएं भी मिलतीं। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी कभी-कभी कूड़ा उठाने आते हैं। 
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कांशीराम आवास के पार्क बदहाल 
कांशीराम आवास के पार्क बदहाल हो चुके है और नालियां गंदगी से पटी पड़ीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पीने के लिए पानी नहीं है तो पार्कों का हराभरा रखने के लिए पानी कहां से लाए जाएं। और तो और मानपुर स्थित कांशीराम आवास कालोनी में पानी के निकासी तक ही व्यवस्था नहीं है। इसके चलते कालोनी का गंदा पानी आवासों के आसपास जमा है। कांशीराम आवासों पानी की टंकी और हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। जल निगम के एई भारत भूषण शर्मा ने कहा खराब पड़े हैंडपंप रीबोर कराने का काम शुरू हो चुका है, जबकि ओवरहैड के लिए प्रस्ताव भेज कर बजट मांगा गया है। 
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कांशीराम आवास में मालिक से ज्यादा किराएदार रह रहे हैं। पिछले सात साल में किसी ने बिजली का बिल जमा नहीं कराया है। आवास में रहने वालों को मात्र तीन हजार रुपये जमा कराने पर ट्रांसफार्मर बदलने की बात कही गई, लेकिन किसी ने फूटी कौड़ी जमा नहीं की। इसके चलते वहां की बिजली व्यवस्था बदहाल है। 
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                                        - राजीव चतुर्वेदी, एक्सईएन विद्युत वितरण
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