काली नदी के बेवर बैराज पर 1.65 लाख पौधरोपण सिंचाई विभाग के लिए गले की हड्डी बना हुआ है। सोमवार को आई टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। सैकड़ों महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने। इसके बाद एडीएम बाल मयंक मिश्रा एएसपी राधे मोहन भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। समस्या निस्तारण की जिम्मेदारी सहावर के एसडीएम को सौंपी।
करीब तीन दशक पहले बेवर वैराज का निर्माण किया गया। निर्माण के लिए 165 एकड़ भूमि किसानों की अधिग्रहित की गई थी। जिसमें कासगंज-एटा के किसान थे। शासन ने इस इलाके में पौधरोपण करने के लिए सिंचाई विभाग को 1.65 लाख पौधों की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए पैसा भी दिया गया है। सिंचाई विभाग के बेवर बैराज पर पौधरोपण शुरू करते ही विरोध होने लगा। किसान भड़क गए, बोले कुछ किसानों की भूमि पर पौधे लगाए जा रहे हैं, इससे जंगल तैयार होने से ग्रामीण आबादी को खतरा हो जाएगा। इसलिए पौधे नहीं लगने देंगे।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एमयू खान, एसडीएम नागेंद्र नाथ और अन्य राजस्व अधिकारियों ने मौके पर समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान कोई बात मानने को तैयार नहीं थे। सूचना पर एडीएम, एएसपी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। फिलहाल पौधरोपण कार्यक्रम टाल दिया है।