एटा। शनिवार देर रात को हुई झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा की वजह से किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जनपद में लगभग 15 फीसदी गेहूं की फसल बरबाद हो गई। सरसों की फसल लगभग तीन फीसदी खराब होने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को हुई बारिश और तेज हवा से जनपद की लगभग 15 फीसदी गेहूं की फसल और 3 फीसदी सरसों की फसल प्रभावित हुई है। जनपद में गेहूं की फसल का रकबा लगभग 1 लाख 36 हजार छह सौ 34 और सरसों का 13 हजार नौ सौ 83 है। जनपद में लगभग तीन लाख से ज्यादा किसान हैं जो ज्यादातर गेहूं और सरसों की फसल करते हैं।
उप निदेशक कृषि एमपी सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से 50 फीसदी फसल बरबाद होने पर और पिछले तीन साल में उत्पादन क्षमता कम आने पर ही किसान को फसल बीमा का लाभ मिलता है। फसल की बरबादी को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए टीम गठित की गई हैं। जिसमें राजस्व, कृषि और बीमा कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फसल कटने के बाद ही किसानों का नुकसान और फायदा पता चलता है, इसलिए फसल कटने के बाद ही किसानों को मुआवजा दिया जाता है।