यहां पंडितों को दान में मिले 70 लाख के पुराने नोट
नोटबंदी लागू होने के बाद जिले की 142 सरकारी बैंक शाखाओं, निजीं बैंकाें, 47 पेट्रोल पंप, 4 नगर पालिका, 5 नगर पंचायत, रजिस्ट्री विभाग और रसोई गैस एजेंसी से बैंकों के खजाने में 800 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने नोट जमा कराए गए हैं। बैंक अफसरों की माने तो जमा पुराने नोट में 500 रुपये के 70 प्रतिशत और 1000 रुपये के तीस प्रतिशत नोट शामिल हैं। लेकिन बैंक यह नहीं बता पा रहे कि पेट्रोल पंप से कितने पुराने नोट जमा हुए और जिले के थानों के मालखानों में कितने नोट बंद हैं। मालाखानों के जमा नोट का मामला कोर्ट में लंबित होने से पुलिस अफसर बोलने से बच रहे हैं।
लीड बैंक अफसरों की माने तो नौ नवंबर से नोटबंदी लागू होने के बाद अभी तक जिले की सरकारी और निजी बैंकों में 800 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने नोट जमा हुए हैं। इनमें 500 रुपये के करीब 70 प्रतिशत और 1000 रुपये के 30 प्रतिशत नोट शामिल हैं। बैंकों में अभी भी पुराने नोटों की गिनती चल रही है। बैकों में जमा नोट नगर पालिका, नगर पंचायत, विद्युत निगम, रजिस्ट्री विभाग, पेट्रोल पंप और रसोई गैस एजेंसियों से आए हैं। सबसे ज्यादा पुराने नोट पेट्रोल पंप और रसोई गैस एजेंसी से आए है, लेकिन बैंक अधिकारी आंकड़ा नहीं बता पा रहे। जिले की राजा का रामपुर, सकीट, जैथरा, निधौली कलां और अवागढ़ नगर पंचायत में करीब 15 लाख रुपये के पुराने नोट जमा हुए हैं। जबकि नगर पालिका सदर, अलींगंज, जलेसर, मारहरा और जलेसर में करीब 80 करोड़ रुपये अभीतक जमा हुए हैं। निकाय अफसरों की माने तो बकाया हाउस, वाटर और जल टैक्स के रुप में नोटबंदी के दौरान जमा 500 रुपये के 60 और 1000 रुपये के 40 प्रतिशत नोट शामिल हैं। बैंक के अधिकारिक सूत्रों की माने तो 9 से 23 नवंबर के बीच करीब 300 करोड़ रुपये बदले गए, जबकि 200 करोड़ रुपये ग्राहकों ने अपने खातों में जमा कराए हैं। अब सिर्फ खातों में पुराने नोट जमा हो रहे हैं।