एटा। इंडियन बैंक की जीटी रोड शाखा में कार्यरत विशेष सहायक राजेश कुमार की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में खारिज कर दी गई। इस बैंक में कई ग्राहकों के खातों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये निकाल लिए गए थे।
मामले की रिपोर्ट कोतवाली नगर में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अश्वनी कुमार गुप्ता ने दर्ज कराई थी। बताया था कि कई ग्राहक उनके पास आए कि खाते से फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से रुपये निकाले गए हैं। जांच करने पर शिकायतें सही पाई गईं। शिकायतकर्ताओं के खातों से करीब 11 लाख रुपये निकाला गया था। इस बैंक शाखा में सफाई कार्य करने वाले रवि की संलिप्तता सामने आई। यह धनराशि उसने अपने खातों में ट्रांसफर की और कुछ नकद भी निकाल ली। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना की तो इसमें बैंक के विशेष सहायक राजेश कुमार भी संलिप्त पाए गए। जिस पर उनका नाम मामले में बढ़ाकर जेल भेज दिया गया।
राजेश कुमार ने जमानत प्रार्थना पत्र में कहा कि उनका रवि से कोई संबंध नहीं है। विवेचक ने उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से मेरा नाम शामिल कर दिया है। अदालत में चली सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि इस मामले में तत्कालीन बैंक प्रबंधक, कैशियर भी शामिल थे। जिनके प्रार्थना पत्र पूर्व में निरस्त किए जा चुके हैं। प्रभारी सत्र न्यायाधीश प्रीति श्रीवास्तव ने राजेश कुमार का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।