वाणिज्य कर विभाग में कर्मचारियों का टोटा बढ़ता जा रहा है। 54 पदों का बोझ 18 कर्मचारी उठा रहे हैं। एक-एक कर्मचारी-अधिकारी के पास कई पटलों का प्रभार है। ऐसे में विभागीय अव्यवस्थाएं बढ़ रही हैं। आने वाले लोग भी परेशान रहते हैं। वाणिज्य कर विभाग में अव्यवस्थाएं हावी हैं। छोटे भवन के चलते पटल प्रभारियों के लिए जगह नहीं है। ऐसे में गैलरी, आंगन यहां तक कि पोर्च में भी टेबिल लगाकर अनुभाग बना दिए गए हैं। इतना ही नहीं यहां गंदगी का भी बोलबाला है। तंबाकू और पान की पीक के निशान दीवारों को रंगीन बना रहे हैं।
व्यापारियों की फाइलें रखने को भी जगह नहीं है।
सर्वाधिक परेशानी स्टाफ की कमी से हो रही है। निर्धारित पदों से तिहाई स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। वाणिज्य कर विभाग में कर्मचारियों के 54 पद हैं, जबकि अभी मात्र 18 लोग ही सेवारत हैं। ऐसे में यहां अव्यवस्थाएं बढ़ रही हैं।
स्थानीय वाणिज्य कर विभाग में 4200 से अधिक पंजीकृत व्यापारी हैं।
हर वर्ष पांच छह सौ नए व्यापारियों के पंजीकरण होते हैं। वहीं डेढ़ दो सौ व्यापारी सरेंडर कर देते हैं।