एटा। जलेसर थाना क्षेत्र के मोहल्ला सराय खानम निवासी टिंकू के अपनी चाची के साथ पिछले कई वर्षों से अवैध संबंध थे। जबकि दो वर्षों से वह चाची को पत्नी बनाकर रख रहा था। उनको लेकर एक वर्ष तक अलीगढ़ में भी रहा। उसके बाद लौटकर आ गया था और यहीं रहने लगा था। मकान नाम नहीं करने पर उसने सोमवार को चाची की हत्या हथौड़े के प्रहार से कर दी। उपचार के दौरान होश में आने पर आरोपी ने भी पूरी वारदात कबूल की है।
मोहल्ला सराय खानम निवासी डंबर सिंह ने बताया कि मेरी पत्नी महादेवी के अवैध संबंध टिंकू के साथ कई वर्षों से थे। 2 साल पहले उसको लेकर टिंकू अलीगढ़ चला गया था और उसको अपनी पत्नी बनाकर रख रहा था। एक साल बाद लौटकर आया और मेरी मर्जी के बगैर ही घर में रहने लगा। कुछ दिन बाद उसकी मां गीता देवी भी आकर हमारे घर में रहने लगी। घर महादेवी के नाम था और मेरे विरोध करने पर पत्नी ने टिंकू का ही पक्ष लिया।
बताया कि कभी-कभी महादेवी व टिंकू में तकरार हो जाती थी। उसने मेरी पत्नी को पूरी तरह से अपने वश में कर रखा था। घर में मेरे सामने दोनों पति-पत्नी की तरह ही रहते थे। टिंकू अक्सर उस पर मकान अपने नाम करने के लिए दबाव बनाता था। पिछले कई दिनों से इन दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। महादेवी ने कहा कि मेरे 4 बच्चे हैं इसलिए मकान तुम्हारे नाम नहीं कर सकती।
इसी बात को लेकर सोमवार को टिंकू गाली-गलौज करने लगा। महादेवी ने विरोध किया तो घर के अंदर से हथौड़ा निकाल लाया। महादेवी कुछ समझ पाती, उससे पहले ही नाक, मुंह व सिर पर हथौड़े से वार कर उसको गंभीर रूप से घायल कर दिया। टिंकू की मां गीता देवी बचाने आईं तो उनको भी बहुत मारा। इसके बाद खुद को भी हथौड़ा मारकर घायल कर लिया।
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डर की वजह से चाचा हो गया था कमरे में बंद
घटना के समय टिंकू के गुस्से को देखकर डंबर सिंह डरकर कमरे में छुप गया और दरवाजा बंद कर लिया। बताया कि महादेवी व अपनी मां गीता देवी को जिस तरीके से उसने मारा, उसे देखकर मेरी रूह कांप गई। इसके बाद उसने खुद को भी घायल कर लिया। तब मैं कमरे से बाहर निकला और डायल-112 पर कॉल की। सूचना पर पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने महादेवी को मृत घोषित कर दिया। गीता देवी व टिंकू का आगरा में उपचार चल रहा है। जहां मंगलवार को होश में आने पर टिंकू ने पुलिस पूछताछ में यही पूरी कहानी दोहराई।