संासद के आदर्श गांव पिलखतरा में विकास के नाम पर सिर्फ सर्वे का कार्य जारी है। जर्जर सड़क, पेयजल समस्या, बिजली अव्यवस्था, शिक्षा के नाम पर मात्र जू0 हा0 स्कूल और अन्य दर्जनों समस्याओं के चलते ग्रामीण परेशान हैं।
संासद और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया ने गांव पिलखतरा को गोद लिया था। गोद लिए जाने के बाद केन्द्रीय मंत्री कठेरिया ने जिले के उच्चाधिकारियों को बुलाकर बैठक कराई। समस्याओं की जानकारी तो ली लेकिन निस्तारण का समय नहीं मिल पाया अधिकारियों को। गांव में 21 सोलर लाइट, दो पुराने जर्जर ट्रांसफार्मरों को बदलवा कर उनके स्थान पर नए ट्रांसफार्मर लगवाए। वहीं अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए मात्र सर्वे किया गया। विकास के नाम पर बस आश्वासन ही दिखाई दे रहा है।
ग्राम की प्रमुख समस्याएं
- ग्राम पहुंचने के लिए डामर की जगह गड्ढों की सड़क।
- गन्दगी की भरमार कच्ची सडकें। वहीं थोडा बहुत टूटा फूटा खरन्जा।
सांसद ने इनके दिए आश्वासन
- इंटर कॉलेज की स्थापना कुछ भी नहीं कार्य।
- पेयजल टंकी, भूमि उपलब्ध लेकिन कार्य नहीं हुआ।
- जर्जर तार बदलने का आश्वासन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
- गलियां पक्की कराने का आश्वासन कोई कार्य नहीं हुआ।
- क्रीड़ा स्थल बनवाने का आश्वासन कोई कार्य नहीं हुआ।
- बीज गोदाम बनवाने का आश्वासन कोई कार्य नहीं हुआ।
ये हैं समस्याएं
- कीचड़ भरी नाली
- राजकीय चिकित्सालय में डॅाक्टर-दवा नहीं है मौजूद
- शिक्षा के नाम पर दो प्राथमिक एवं एक उच्च प्रथमिक विद्यालय।
- परिवहन के नाम पर वाहन व्यवस्था मौजूद ही नही।
- जर्जर तारों के चलते मात्र 8-9 घंटे बिजली वो भी टुकड़ों में।
धूमिल हो रही विकास की आशा
55 वर्षीय रामवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार की अनदेखी के चलते संपन्न गांव में बीमारी सी फैल गई है। विकास की आशा बंधी थी लेकिन एक साल बाद भी कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
फोटो - 1- रामवीर, 2- अभिषेक, 3- गड्डा युक्त सडक, 4 ख्रराब सडक।
संजीव गुप्ता