राम जन्म भूमि आंदोलन के नायक अशोक सिंहल का अस्थिकलश रविवार को जिले में आया। हिंदुवादी नेताओं ने यात्रा में पहुंचकर सिहंल को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कलश यात्रा सोरों तीर्थनगरी पहुंची, वहां वराह घाट पर अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया गया।
मुख्य रथ के पीछे हिंदूवादी नेताओं और भाजपा नेताओं के वाहनों का काफिला सोरों तक पहुंचा। नगर के प्रमुख मार्गों से कलश विसर्जन यात्रा के दौरान पुलिस भी मुस्तैद रही। यात्रा के मामो, गोरहा, प्रहलादपुर पहंचने पर ग्रामीणों ने भी पुष्पवर्षा की। तीर्थनगरी में तुलसी सामुदायिक केंद्र पर पहुंचे अस्थिकलश को देखने बड़ी संख्या में हिंदूवादी एकत्रित हुए। वहां से अस्थिकलश यात्रा तीर्थनगरी के मुख्य बाजारों में भ्रमण के लिए रवाना हुई। कलश यात्रा में आगे आगे सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चे केसरिया पताका लिए हुए चल रहे थे।
कलश यात्रा हरि की पौड़ी से शुरू होकर बस स्टैंड रोड, चंदनचौक, कटरा बाजार, रामसिंह पुरा, कछला गेट, सहावर गेट, अनाजमंडी, बदरिया होती हुई वराह घाट पहुंची। रास्ते में जगह-जगह हिंदूवादियों ने अस्थिकलश पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी। वराह घाट पर अशोक सिहंल का कलश हरिपदी गंगा में विसर्जित किया। विसर्जन से पहले दो मिनट का मौन रखा आत्मा शांति की कामना की। विसर्जन यात्रा के दौरान जगदीश प्रसाद विरथरे, प्रमोद साहू, विनय राज, पूर्णेंद्र सोलंकी, वीडी राना, महेंद्र राना, मनोज शर्मा, प्रशांत अग्रवाल, जुगेंद्र लोधी मौजूद रहे। सोरों में भी विसर्जन के दौरान कालीचरन माफीदार, योगेश चौधरी, विनोद चौधरी, कैलाश चंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।