एटा। तापमान बढ़ते ही लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। उल्टी-दस्त ने भी लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। खासतौर से बच्चों में यह समस्या अधिक आ रही है। 12 से 15 बच्चे प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को 3 बच्चों को वार्ड में भर्ती कर इलाज करना पड़ा।
होली पर्व पर स्वादिष्ट पकवान घरों में बनें। अब तक लोग उन पकवानों का स्वाद दे रहे हैं। यह अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। मिलावटी खान-पान और मौसम में बदलाव ने डायरिया व पेट दर्द के मरीज बढ़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में कुल 2340 मरीजों के पर्चे बने। मेडिसिन विभाग में 120 लोग पेट की समस्या के पहुंचे। इनमें किसी को पेट दर्द की दिक्कत थी तो किसी को दस्त की समस्या थी। चिकित्सक ने दो मरीजों को मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया।
इमरजेंसी प्रभारी डॉ. माधवेंद्र प्रताप ने बताया अनियमित खानपान और लगातार बढ़ रहे तापमान की वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन कतई न करें। फ्रिज में रखा बासी खाना भी बीमार कर सकता है।
ताजा भोजन ही करें। डायरिया, उल्टी-दस्त के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएस का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। वहीं बाल रोग विभाग में मरीजों को देख रहे डॉ. एबी सिंह ने बताया विभाग में 250 से 260 तक बच्चे आ रहे हैं।
इसमें पेटदर्द व उल्टी-दस्त की समस्या के 12 से 15 बच्चे रहते हैं। बताया कि 3 बच्चों को दस्त व उल्टी की समस्या से ग्रसित होने पर वार्ड में भर्ती किया गया।