एटा। जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। युवाओं में भी गठिया के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में रोजाना 5 से 7 मरीज उपचार लेने के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करने और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
जिले में गठिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हर माह 150 से 200 मरीज उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग विभाग में रोजाना 250 मरीजों को उपचार दिया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि 40 वर्ष की उम्र के युवा भी गठिया से पीड़ित मिल रहे हैं।
हड्डी विशेषज्ञ इशान अहमद ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों की अस्थि में घिसाव होने से ऑस्टियोआर्थराइटिस की आशंका बढ़ती है। वहीं, रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी बीमारी कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर सकती है। इसके लक्षणों में जोड़ों में दर्द, सूजन, सुबह उठने पर अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।