एटा। रविवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। इस दौरान सूची में नाम न देख कई युवा व अन्य लोग मायूस हो गए। उनका कहना था कि उन्होंने मतदाता बनने के लिए प्रपत्र जमा किया था। इसके बाद भी अंत समय मतदान करने से चूकना पड़ रहा है, जिससे विधायक और सरकार चुनने का हमारा सपना ही टूट गया।
रविवार सुबह जब लोग पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिए पहुंचे तो कई लोगों का नाम मतदाता सूची में ही नहीं था। इस पर वह मायूस हो गए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अभियान चलाया गया था। इसमें फॉर्म भरकर बीएलओ को दिया था। बाद में किसी तरह की गलती आदि की जानकारी नहीं दी गई। सूची में नाम भी नहीं है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?
बोले युवा
पहली बार मतदान करने को लेकर मन में उत्साह था। सुबह के समय पोलिंग बूथ पर खुशी के साथ पहुंचे, लेकिन मतदाता सूची में नाम ही नहीं है। शिवम
पहली बार मतदान करना था। बीएलओ को फॉर्म भरकर दिया था। इसके बाद भी मतदाता सूची में नाम नहीं है। अब 5 साल इंतजार करना पड़ेगा। -प्रवेंद्र पाल
परिवार में सबको वोट करते देखती थी, तो मतदान करने का मन करता था। इस बार 18 वर्ष की उम्र होने पर फॉर्म भरा था, लेकिन सूची में नाम नहीं है। दीक्षा कुमारी
बीएलओ को नवंबर में मतदाता बनने के लिए फार्म दिया था। सुबह जब पोलिंग बूथ पर वोट डालने के लिए पहुंचे, तो पता चला कि वोट नहीं बना है। -अर्पित उपाध्याय