फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएनएम नहीं जानती डायरिया और निमोनिया की पहचान

Tue, 12 May 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
विज्ञापन
विज्ञापन
 जनपद भर में पोषण मिशन एवं अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में विकास कार्यो का निरीक्षण करने पहुंचे विशेष सचिव राजस्व को प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृतार्थ शब्द नहीं लिख सके, वहीं एएनएम डायरिया एवं निमोनिया की पहचान नहीं बता सकीं। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्री भी विशेष सचिव के सवालों का जवाब नहीं दे सकीं। विशेष सचिव ने एबीएसए एवं सीडीपीओ को क्षेत्र में भ्रमण करने की हिदायत के साथ फटकार भी लगाई।
विज्ञापन



मंगलवार को ब्लॉक क्षेत्र मारहरा के गांव भुरगवां के प्राथमिक विद्यालय में मौजूद प्रधानाध्यापक यासीन खां एवं सहायक अध्यापिका प्रीती से विशेष सचिव राजस्व जयप्रकाश सागर ने कहा कि ब्लैक बोर्ड पर कृतार्थ लिख कर दिखाओ तो किसी ने किरतार लिखा तो किसी ने किरतार्थ लिखा। इतना ही नहीं अध्यापिका 10 फलों के नाम भी नहीं बता सकीं। यह सब देखकर विशेष सचिव ने खंड शिक्षाधिकारी ओमप्रकाश अकेला को डाटते हुए हिदायत दी। उन्होंने एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से डायरिया एवं निमोनिया की पहचान क्या है पूछने पर कोई भी जवाब नहीं दे सकीं। एएनएम अलका से पूछा कि क्या थर्मामीटर से टेंप्रेचर, बीपी स्टूमेंट से ब्लड प्रेसर कैसे नापा जाता है तो वह बगलें झांकने लगीं।

हालात देख विशेष सचिव हैरान रह गए कि आखिर क्या हो रहा है। मौके पर मौजूद सीडीपीओ ऊषा कश्यप को भी हिदायत दी कि  क्षेत्र में भ्रमण कर यह सब शिकायतें दूर करनी चाहिए। प्राथमिक विद्यालय दतेई में मौजूद गर्भवती महिला से पूछा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री जो पंजीरी उपलब्ध कराती हैं उसे किस तरह से खाती हैं। इस पर गर्भवती महिला ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने एक पैकेट देकर यह कहा था कि इसको आधी कटोरी सुबह, आधी शाम और आधी दोपहर में खानी है। इस बात पर भी विशेष सचिव ने नाराजगी व्यक्त की और कार्यकत्री को बुला कर बताया कि 140 ग्राम एक बार में खानी है चाहे उसे रोटी बनाकर या हलवा बनाकर खाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें