ग्राम राजा रिजोला में करीब पांच वर्ष पहले बना पशु चिकित्सालय जर्जर हालत में है। अस्पताल निर्माण से लेकर अब तक इसमें एक भी डाक्टर की नियुक्ति तक नहीं हुई। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अस्पताल का लाभ आज तक जनता को नहीं मिला।
पशु चिकित्सालय दुर्दशा का शिकार हैं। आसपास झाड़ियां उग आई हैं। पशु चिकित्सालय अराजकतत्वों की आरामगाह बन गया है। देखरेख न होने के कारण चिकित्सालय के खिड़की दरवाजों को भी चोर उखाड़कर ले गये है। ग्रामीण अपने बीमार पशुओं को शहर से बाहर लेकर जाते हैं।
कई बार तो पशु इलाज न मिलने के कारण मर तक जाते हैं। यदि प्रशासन पशु चिकित्सालय का संचालन शुरू करा दे, तो तो गांव एवं आसपास के ग्रामीणों के पशुओं को समय पर इलाज मिल सकेगा। ग्राम नगला अब्दाल निवासी राम बहादुर शर्मा का कहना है कि पशुओं में गलाघोंटू के अलावा कई अन्य बीमारियां हो जाती हैं। लेकिन कोई पशु चिकित्सालय न होने से जानवरों की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है। वहीं ग्राम राजा रिजोला के पूर्व प्रधान ओमवीर सिंह कहते हैं कि कई बार लिखित तथा मौखिक रूप से शिकायतें विभाग से की हैं, लेकिन पशु चिकित्सालय का संचालन नहीं हो सकता हैं।
फोटो - पटियाली के ग्राम रिजौला में पशु चिकित्सालय का मेन गेट पर उगी झाडिय़ां।