एटा। लोकसभा सामान्य निर्वाचन के लिए मतदान करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांवों में चौपाल लगाकर जागरूक करेंगी। ग्रामीण परिवेश की तमाम महिलाएं चुनाव के दौरान मतदान करने में रुचि नहीं दिखाती हैं। इसको लेकर उन्हें मतदान का महत्व बताते हुए प्रेरित किया जाएगा।
चुनाव के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं मतदान करने के लिए कम पहुंचती हैं। इसकी वजह से मतदान प्रतिशत कम रह रहता है। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूक करने के कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। जिले में करीब 1635 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1353 आंगनबाड़ी सहायिका कार्यरत हैं। इनको गांवों में चौपाल लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लगाया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं चुनाव में मतदान करना कितना जरूरी है, इससे क्या प्रभाव पड़ता है, वोट की क्या कीमत होती है, ऐसे ही तमाम बिंदुओं को लेकर जागरूक करेंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि मतदान महत्वपूर्ण पर्व है। ग्रामीण परिवेश की महिलाएं जागरूक नहीं हैं। इसको लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गांवों में चौपाल लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लगाया गया है। उम्मीद है कि इससे बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।