जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने कहा पोषण मिशन एक अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय से खुलने चाहिए, लाल श्रेणी के बच्चों के नाम आंगनबाड़ी केंद्र पर चस्पा होने चाहिए। जिसका संदेश उनके परिवारीजनों तक जा सके। सभी सीडीपीओ 15 दिन में गोद लिए गए गावों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाल श्रेणी के बच्चों के नाम प्रिंट कराएं। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
डीएम विकास भवन सभागार में अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय, पानी, साफ सफाई, पुष्टाहार आदि की स्थिति को परखा जाए। सीडीपीओ गंभीर होकर कार्य करें। वहीं सुबह नौ बजे से 11 बजे तक स्कूल खोले जाएंगे।
इस दौरान बच्चों का वजन आदि कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण ठीक से दिया गया है या नहीं। सकीट में 13, शीतलपुर में 20, जैथरा में 15, अलीगंज में 17, निधौलीकलां में 20, जलेसर में 30 आंगनबाड़ी प्रशिक्षण के दौरान अनुपस्थित थीं। उन्होंने सभी से स्पष्टीकरण मांगने एवं एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि 25 मई को मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी, संबंधित डाटा 23 मई तक अवश्य अपलोड हो जाना चाहिए। बैठक में सीडीओ साहब सिंह, डीडीओ राधेश्याम, सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय, संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी, डीपीओ, सीडीपीओ आदि मौजूद थे।