एटा। शहर के अशोक नगर वार्ड 19 में तैनात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मूल निवास प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाया गया। इसके बाद उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
इस वार्ड के सभासद राजेश कुमार ने अधिकारियों को शिकायत सौंपी थी। आरोप लगाया गया था कि द्वारिकापुरी निवासी नीलम ने अशोक नगर का फर्जी निवास प्रमाणपत्र जारी करा लिया और नियुक्ति प्राप्त की है। शिकायत की जांच तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी स्तर पर कराई गई।
जांच में यह पाया गया कि नीलम का नाम द्वारिकापुरी की मतदाता सूची में दर्ज है तथा अशोक नगर के मकान मालिक ने भी अपने मकान में उनके कभी न रहने का प्रमाण दिया। संबंधित निवास प्रमाणपत्र को गलत सूचना के आधार पर जारी पाया गया जिसे निरस्त करने की संस्तुति की गई।
जिलाधिकारी स्तर पर 19 नवंबर को सुनवाई की गई जहां नीलम ने निजी कारणों से बुआ-फूफा के यहां अशोक नगर में रहने का दावा किया लेकिन कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के अनुमोदन पर 1 दिसंबर को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।