कासगंज। वेतन बढ़ोतरी आदि की मांगों को लेकर 102 और 108 एंबुलेंस सेवा के चालकों ने सोमवार को हड़ताल रखी। जिला चिकित्सालय में चालकों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। हड़ताल से सभी एंबुलेंसों के पहिये अनिश्चितकाल के लिए थम गए हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं हैं। कॉल करने पर भी एंबुलेंस चालक मरीजों को लेने नहीं पहुंचे।
जिले में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा संचालित है। काफी समय से इनके चालक वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग पर कोई गौर नहीं फरमा रहा था। सोमवार को सभी चालकों ने जिला अस्पताल में एंबुलेंस खड़ी कर दीं और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। चालकों का कहना था कि काफी समय से उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं की है और न ही कोई सुविधा उन्हें दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एनआरएचएम के तहत उन्हें नौकरी पर रखा जाए। उन्हें वेतन 8 घंटे का दिया जाता है जबकि 12 घंटे काम लिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। इस दौरान एंबुलेंस चालक यूनियन के जिलाध्यक्ष अखिलेश, मीडिया प्रभारी नाहर सिंह, सुनील कुमार, राजेश कुमार, विपिन, देवेंद्र, मुनेंद्र, राधेश्याम, मानिकराम, प्रदीप उपाध्याय, तुलाराम, रामपाल आदि चालक मौजूद रहे।
आंकड़े की नजर से-
- 44 एंबुलेंस हैं जिला चिकित्सालय और सीएचसी पर।
- एक एंबुलेंस है स्वास्थ्य विभाग के पास।
भटकते रहे मरीज, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ा दर्द
एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के चलते मरीजों की परेशानी का सामना करना पड़ा। तमाम मरीज जिला अस्पताल में ऐसे पहुंचे, जिन्होंने चिकित्सक से शिकायत दर्ज कराई कि कई बार 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल की, लेकिन चालकों ने स्पष्ट मना कर दिया। किसी तरह परेशानियों के बीच अस्पताल पहुंच पाए।
- एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीजों को परेशानियां हुई हैं। 108 और 102 सेवा को छोड़कर मात्र एक एंबुलेंस है। मरीजों को स्वयं के खर्चे पर एंबुलेंस की व्यवस्था करनी होगी।
- राजकिशोर, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल।
एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर, परेशान दिखे मरीज-फोटो
एटा। सात सूत्रीय मांगों को लेकर एंबुलेंस के कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर व देहात क्षेत्र से मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 102, 108 और एएलएस की कुल तीन तरह की 47 एंबुलेंस निजी संस्था जीवीके, ईएमआरआई के माध्यम से संचालित हैं। विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर सोमवार को एंबुलेंस कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। इसके चलते गांव देहात के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल व जिला अस्पताल से हायर सेंटर पर जाने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मरीज किराए व निजी वाहन से अस्पतालों में पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया सेंस्था उनका दोहन कर रही है। जब तक उनकी मांगें जैसे पायलट प्रोजेक्ट, समान कार्य समान वेतन, फर्जी केस टारगेट, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के साथ आठ घंटे की ड्यूटी की जाए। कर्मचारियों ने बताया जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती। तब तक वह हड़ताल पर रहेंगें।