मेडिकल कॉलेज की एमसीएच विंग में मॉकड्रिल के दौरान मौजूद चिकित्सक ।संवाद
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एटा। वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में शनिवार दोपहर करीब एक बजे कोरोना को लेकर मॉकड्रिल किया गया। दो घंटे पहले से एंबुलेंस को कॉल किया जाता रहा लेकिन वो धोखा दे गई। इसके बाद मॉकड्रिल शुरू हुआ तो वेंटीलेटर कक्ष में एसी नहीं होने की वजह से अधिकारी और चिकित्सक पसीना-पसीना होते रहे।
संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक आगरा डॉ. एके यादव को स्टेट नोडल अधिकारी बनाकर भेजा गया। इनके नेतृत्व में एमसीएच विंग में संचालित पीकू वार्ड में मॉकड्रिल किया गया। जेडी सुबह 11 बजे आ गए और एंबुलेंस को मरीज लाने के लिए कॉल किया गया तो छह एंबुलेंस खराब बताई गईं और कुछ उपलब्ध नहीं मिलीं। इसके बाद इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल सेंटर से संपर्क किया गया, यहां से दवाब पड़ने के बाद करीब दोपहर एक बजे एंबुलेंस मिली। शांतिनगर से आधा घंटा में आभासी मरीज को लेकर आई। पांच मिनट में जांचों के बाद उसे वेंटीलेटर सुविधा दी गई।
संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि एंबुलेंस की सेवा अच्छी नहीं मिली है। वेंटीलेटर कक्ष में एसी नहीं पाया गया है। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं बेहतर रहीं, जो कमियां सामने आईं हैं उसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। इस मौके पर पीकू नोडल अधिकारी डॉ. एबी सिंह, एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, वेंटीलेटर ऑपरेटर नागेंद्र प्रताप सिंह व प्राची दुबे आदि मौजूद रहे।