एटा के अलीगंज सर्किल क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल में बरामद हुआ। तीन दिन से लापता चल रहे 35 वर्षीय राजकुमार पुत्र सुगेंद्र सिंह का शव नयागांव थाना क्षेत्र के डांडा गांव के जंगल में पेड़ के पास मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार थाना मलावन क्षेत्र के लाखापुर निवासी 35 वर्षीय राजकुमार पुत्र सुगेंद्र सिंह उधारी के कुछ पैसे मांगने के लिए अपनी रिश्तेदारी में गया था। इसके बाद से वह लापता हो गया। परिजनों द्वारा 23 अप्रैल को नयागांव थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि राजकुमार को रास्ते में पकड़ लिया गया है। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी।
रविवार देर रात ग्रामीणों की सूचना पर जंगल में उसका शव मिला। शव के पास पेड़ और रस्सी मिलने से प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मृतक के सिर पर चोट के निशान मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। परिजनों का आरोप है कि पैसों के लेन-देन को लेकर राजकुमार की हत्या कर शव को जंगल में फेंका गया है।
मृतक के चचेरे भाई अजय यादव के अनुसार राजकुमार ने अपनी रिश्तेदारी में बीमा क्लेम में मदद के लिए कुछ पैसे दिए थे, जिन्हें वापस लेने वह गया था। इसी दौरान उसे रोका गया और उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। मृतक अपने पीछे 8 वर्षीय बेटा आशीष और 13 वर्षीय बेटी अंजलि को छोड़ गया है।
वहीं एक अन्य पहलू में यह भी सामने आया है कि राजकुमार के अपनी पत्नी की मौसी की लड़की से अवैध संबंध थे, जिसकी 16 अप्रैल को शादी हो गई थी। शादी की जानकारी मिलने पर उसने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने बात कराने से मना कर दिया। इसके बाद से ही वह मानसिक तनाव में था। घटना की सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है।