मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में सांस के मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। दिवाली पर आतिशबाजी होने से जिले की हवा दूषित हो चुकी है जिसका सबसे अधिक असर वृद्ध लोगों पर पड़ रही है। सांस की समस्या और हार्ट अटैक से तीन लोगों की मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे सत्यपाल (65) निवासी नगला नारायण को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाती रंजीत ने बताया कि उन्हें रात 9:30 बजे सांस लेने में दिक्कत हुई तो इमरजेंसी लेकर आए थे।
इसी दिन नगला सुंदर निवासी वीरपाल सिंह (65) के पुत्र बबलू ने बताया कि रात को सीने में अचानक दर्द होने लगा। थोड़ी देर बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर रात करीब 11 बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार की दोपहर करीब 2:30 बजे बृजमोहन पचौरी (63) निवासी अशोक नगर को इमरजेंसी में लाया गया। बेटे कपिल पचौरी ने बताया कि दो दिन से बलगम की शिकायत थी। दोपहर में उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। संवाद