जलेसर। असम के जोराहट में तैनात एयरफोर्स के जवान आकाश दीक्षित (25) की तैनाती स्थल पर जान चली गई। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नाहरपुर लाया गया। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
वायुसेना में लिपिक पद पर आकाश की नियुक्ति 1 जनवरी 2020 को हुई थी। करीब 13 महीने पहले अलीगढ़ जनपद के गांव केयर छतरी निवासी साक्षी के साथ हुई थी। कोई संतान नहीं है। मार्च में 15 दिन की छुट्टी पर गांव में आए थे।
मां कुसमा देवी और पिता जयप्रकाश दीक्षित ने बताया कि 24 अप्रैल को सेना से फोन आया कि बेटे का शव रेल पटरी पर मिला है। वह 23 अप्रैल की रात को अपने आवास पर नहीं पहुंचे थे। यह खबर मिलने के बाद पूरे परिवार में शोक छा गया। आकाश तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। संदीप और लवशन उनके छोटे भाई हैं। मृत्यु की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे वायुसेना की एक टुकड़ी आकाश के पार्थिव शरीर को लेकर गांव में पहुंची। तिरंगे में लिपटे उनके ताबूत को घर तक पहुंचाया गया। इसके बाद गांव में ही सैन्य सम्मान के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्रीय विधायक संजीव दिवाकर, भाजपा नेता अशोक शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और और आम लोगों ने श्रद्धांजलि दी व शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।