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इंतजार की घड़िया खत्म, 15 से गुलजार होगी कृषि मंडी

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लॉकडाउन के चलते मंडी समिति में पसरा सन्नाटा। - फोटो : ETAH
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कल से गुलजार होगी जिले की कृषि मंडी
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-फोटो-10
शासन ने निर्धारित किया 1925 रुपये प्रति क्विंटल का रेट, 88 क्रय केंद्र खोले
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। अन्नदाता के इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। 15 अप्रैल से कृषि उत्पादन मंडी किसानों के लिए खोल दी जाएगी, जिससे वह अपना गेहूं यहां आढ़तियों को बेच सकें। इसके अतिरिक्त प्रशासन ने 88 क्रय केंद्र भी निर्धारित किए हैं। इनके माध्यम से सरकारी रेट 1925 रुपये पर गेहूं की खरीद की जाएगी, जबकि बीस रुपये तौलाई के अतिरिक्त लिए जाएंगे। ये किसानों को भुगतान के साथ वापस कर दिया जाएगा।
किसानों की फसल तैयार है और कटने के बाद खुले खलिहान में पड़ी हुई है। ऐसे में किसानों के साथ सरकार की भी चिंतित हैं। मंडी सभापति एसपी वर्मा ने बताया कि सब्जी मंडी सुबह पांच से नौ बजे तक खुलेगी। इसके बाद सुबह नौ से तीन बजे तक किसान अपने गेहूं की मंडी में बिक्री कर सकता है। वहीं दोपहर तीन से रात आठ बजे तक अढ़तिया इस अनाज का लदान कर सकेंगे। राठ आठ बजे मंडी के गेट पर ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडी किसानों के लिए एकल आगमन की व्यवस्था की गई है। वहीं, किसानों के मंडी आने के लिए पास की कोई जरूरत नहीं है। वहीं अढ़तिया और पल्लेदारों को सचिव की संस्तुति पर पास की व्यवस्था की जाएगी। बताया कि मंडी में करीब 150 आढ़तिया हैं।
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88 खरीद केंद्र बनाए
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नंद किशोर ने बताया कि जिले में 88 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 6, पीसीएफ के 57, यूपीएसएस के 19, कर्मचारी कल्याण निगम 2, यूपी एग्रो 3, भारतीय खाद्य निगम को एक केंद्र आवंटित किया गया है। सभी केंद्रों पर 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कुल 6 हजार पांच सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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यह रहेंगी बंदिशें: किसानों को फसल की कटाई के लिए पांच श्रमिकों को पर्याप्त दूरी और मास्क आदि के साथ अनुमति दी गई है। वहीं पल्लेदारों और आढ़तियों को भी हिदायत दी गई है कि वह अपने कांटे पर भीड़ न लगने दें और मास्क सहित सैनिटाइजर आदि का प्रयोग करें। वहीं, प्रशासन ने गेहूं भरने से पूर्व किसान अपने बारदाना को नीम के पानी में धोकर सुखा लें। उसके बाद ही उसमें गेहूं भरकर बाजार में बेचने के लिए लाएं।
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किसानों को नहीं आने दी जाएगी समस्या
गेहूं की फसल पककर कटने लगी है। ऐसे में किसानों को फसल मंडी तक लाने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकारी खरीद केंद्रों सहित आढ़त पर किसान अपना गल्ला बेच सकते हैं। इस दौरान मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंस के लिए मंडी स्टॉफ सहित पुलिस को तैनात किया जाएगा।
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-सुखलाल भारती, जिलाधिकारी
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खेत पर जाकर भी खरीद सकते हैं फसल
जो फर्म किसानों की फसल खेत पर ही जाकर खरीद करना चाहती हैं, वह इसके लिए आवेदन करें। उन्हें अनुमति दी जाएगी। इस दौरान किसी को भी सरकारी दर से कम पर खरीद नहीं करने दी जाएगी।
-केशव कुमार, एडीएम वित्त
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