सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक राजेश यादव का झारखंड के छोटा नागरा में निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव नगवाई लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
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वर्ष 1995 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए नगवाई के राजेश यादव की तैनाती झारखंड के छोटा नागरा में थी। 7 नवंबर की रात को वह ड्यूटी करने कैंप में सोने चले गए जो सुबह मृत मिले। राजेश के चार पुत्र अनुकूल, अनिल, गौरव, सौरभ, तीन नाती एवं दो नातिन हैं। भाई विनेश चंद्र ने बताया कि स्वर्गीय भाई विजयपाल की नातिन की शादी में राजेश 3 नवंबर को गांव आए थे। शादी में शामिल होने के बाद अगले दिन ड्यूटी पर चले गए।
गांव में पार्थिव शरीर लाए जाने के बाद आसपास के गांव के लोगों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नारे लगाकर राजेश यादव को अंतिम विदाई दी। गांव के अध्यापक महेश चंद्र ने बताया कि राजेश शुरू से सज्जन स्वभाव के थे। लोगों ने गांव में शहीद स्मारक बनवाने की मांग की है। अंतिम यात्रा में विधायक संजीव दिवाकर, एसडीएम भावना विमल, सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक रणजीत सुमन, ब्लॉक प्रमुख अशोक यादव, कोतवाली प्रभारी अमित कुमार, प्रमोद यादव, देवेश प्रधान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।