एटा। एक युवक ने पहले अपने भाई के स्थान पर सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) की परीक्षा 2022 में दी। इसके बाद इसी प्रक्रिया में एक अन्य युवक की भी परीक्षा दी। पकड़ा गया तो जनपद गौतमबुद्धनगर की जेल में रहा। छूटकर आया तो पिछले साल खुद परीक्षा देकर उप्र पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया में चयनित हो गया। एक शिकायत की जांच में सच्चाई सामने आने पर उसके विरुद्ध थाना अवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थाना अवागढ़ में उपनिरीक्षक गौतम सिंह ने अभिषेक निवासी कटेलिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में लिखा है कि एक व्यक्ति ने अभिषेक के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया। इसकी जांच कराई गई तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अभिषेक ने सीआईएसएफ में आरक्षी भर्ती प्रक्रिया के तहत 18 मई 2022 को अपने भाई सचिन के स्थान पर परीक्षा दी। इसी भर्ती प्रक्रिया में अजय जादौन नाम के अभ्यर्थी से पैसा लेकर उसकी जगह 26 मई 2022 को परीक्षा देने पहुंचा।
अधिकारियों और कर्मचारियों को पहचाना हुआ चेहरा दिखने पर शक हुआ। पड़ताल की गई तो पता लगा कि वह फर्जी अभ्यर्थी है। उसी दिन उसके विरुद्ध गौतमबुद्धनगर के थाना ईकोटेक में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई लेकिन इस दौरान भी उसने अपना असली नाम नहीं बताया और सचिन के नाम से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और उसे जेल भेज दिया गया। उसके विरुद्ध आरोपपत्र भी अदालत में भेज दिया गया और वहां मुकदमा शुरू हो गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद उसने उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती के लिए तैयार की। पिछले साल हुई परीक्षा में शामिल होने के बाद उसका चयन भी हो गया। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।