एटा। पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह पर की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार सुबह एटा की जलेसर तहसील स्थित उनके उनके पैतृक गांव नगला सुखदेव से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने गढ़ मुक्तेश्वर के लिए कूच किया। उनके बेटे और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या किसान गांव में एकत्रित हुए। यहां पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक हुई।
संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लखन यादव ने बताया कि एटा, सिकंदराराऊ, अलीगढ़ समेत कई जनपदाें में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से झड़प के बाद संगठन के कार्यकर्ता गढ़ मुक्तेश्वर कूच करने में सफल रहे। उधर हापुड़ के पुलिस अधिकारी भानु प्रताप सिंह के गांव नगला सुखदेव पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री मदन चौहान से भानु प्रताप सिंह से फोन पर बात कराई। उन्होंने भानु प्रताप सिंह से माफी मांगी। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में गढ़मुक्तेश्वर के एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें खुद भानु प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री मदन चौहान और भाकियू भाकियू अराजनैतिक के मांगेराम की संपत्ति की जांच की मांग की।
कौन हैं भानु प्रताप सिंह
एटा जनपद की तहसील जलेसर के गांव नगला सुखदेव निवासी भानु प्रताप सिंह शुरुआत से ही किसानों की लड़ाई लड़ते रहे हैं। उनके श्रमदान को देखकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने उन्हें आगरा का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया। भानु प्रताप के कुशल नेतृत्व को देखते हुए 18 फरवरी 1991 को महेंद्र सिंह टिकैत ने उन्हें भारतीय किसान यूनियन का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। महेंद्र सिंह टिकैत की मृत्यु के बाद कुछ वर्ष वह भारतीय किसान यूनियन से जुड़े रहे और बाद में उनके बेटे राकेश टिकैत से मतभेद के बाद उन्होंने वर्ष 2011 में अपना संगठन भारतीय किसान यूनियन (भानु) बनाया। अब प्रदेशभर में उनके संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हैं।