एटा। दो माह पूर्व ही शासन से निर्देश जारी हुए थे कि बुखार पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड बनाए जाएं। बेडों पर मच्छरदानी भी लगाई जाए। मेडिकल कॉलेज में सामान्य वार्ड में ही बुखार और प्लेटलेट्स कम निकलने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वहीं उनके बेडों पर मच्छरदानी तक नहीं है।
इन दिनों मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुखार से पीड़ित लोग इमरजेंसी, ओपीडी सहित बाल रोग विभाग में पहुंच रहे हैं। बुखार पीड़ितों की खून की जांच भी कराई जा रही है। इसमें कभी 30 तो कभी 40 मरीजों के प्लेटलेट्स कम होने की बात सामने आ रही है। ज्यादा प्लेटलेट्स कम होने वाले बुखार पीड़ितों को चिकित्सक भर्ती कर रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ बुखार पीड़ित बच्चों को बच्चा वार्ड में भर्ती कर रहे हैं। तृतीय तल पर बने सामान्य वार्ड में युवकों और बुजुर्गों को भर्ती किया जा रहा है। दोनों ही वार्डों में बुखार पीड़ितों के बेड पर मच्छरदानी नहीं है। प्लेटलेट्स कम आने वाले मरीजों का चिकित्सक डेंगू का संदिग्ध मान उनका उपचार कर रहे हैं। ऐसे में वहां भर्ती अन्य सामान्य मरीजों को भी इस तरह की बीमारी फैलने का खतरा हो सकता है।
बेड के नीचे रखी हैं मच्छरदानी
ऐसा नहीं है कि मेडिकल कॉलेज में मच्छरदानी न हों। मच्छरदानी तो हैं लेकिन उन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा द्वितीय तल पर बने एक कमरे में बेड के नीचे एकत्र कर रख दिया गया है। अगर कोई अधिकारी चेकिंग के लिए पहुंचे तो ये मच्छरदानी निकालकर तत्काल बेडों पर लगा दी जाती हैं।
मरीजों के बेड पर मच्छरदानी लगाई गई थीं, लेकिन मरीज के परिजन व तीमारदार उन्हें निकालकर वार्ड में ही इधर-उधर डाल देते हैं। ऐसे में मच्छरदानी टूट जाती हैं। बुखार पीड़ितों के बेड पर मच्छरदानी फिर लगवाई जाएंगी। - डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस
इमरजेंसी वार्ड में आराम फरमाते मिले स्वास्थ्यकर्मी, लगाई फटकार
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह पहुंचे। उन्हें एक कक्ष में स्वास्थ्यकर्मी आराम फरमाते मिले। इस पर उन्हें फटकार लगाई। वहीं कक्ष में भीड़ न लगने देने की चेतावनी दी। इसके अलावा मरीजों के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली।
मेडिसन इंचार्ज मेडिकोलीगल कक्ष में गए। जहां स्वास्थ्यकर्मियों की भीड़ मिली। इस दौरान कक्ष में पड़े बेड पर स्वास्थ्यकर्मी आराम करते मिले। इसे देख उनका पारा चढ़ गया। चेतावनी दी कि अगर दोबारा ऐसा मिला तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। यहां भर्ती मरीज नलकूप खंड निवासी हर्षिता के बारे में जानकारी की। उसके परिजन ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा है दवा लेने आए तो बहोश हो गई। इस पर जेआर से बाल रोग विशेषज्ञ के बारे में पूछा। जेआर ने बताया कि सूचना दी है लेकिन अभी तक आए नहीं है। इस पर कॉलेज के ग्रुप में डालने की बात कही।
वहीं वार्ड में अन्य मरीजों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान किदवई नगर निवासी मरीज के तीमारदार ने शिकायत की। उसने बताया कि 30 मिनट हो गए है अब तक उपचार शुरू नहीं हुआ है। इस पर तत्काल इलाज शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी के लिए सीनियर रेजीडेंट की ड्यूटी प्राचार्य द्वारा लगाई गई है। सूचना पर वह तत्काल यहां आकर मरीजों को देखेंगे। मरीजों को उपचार मिले यही प्राथमिकता है।
एसएनसीयू वार्ड के कर्मियों को रखरखाव की दी जानकारी
एटा। मेडिकल कॉलेज की एमसीएच विंग में बने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण करने नोडल अधिकारी डॉ सैयद मुनाजिर अली पहुंचे। उन्होंने वार्ड में वार्मर सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान वार्ड के कर्मियों को नवजात की देखभाल के साथ अन्य जानकारियां दीं।
अलीगढ़ से आए नोडल अधिकारी ने वार्ड में प्रत्येक वार्मर व मॉनीटर के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी ली। इस दौरान भर्ती नवजात की फाइलों को देखा। वहीं दवाओं के बारे में जानकारी की। पीलिया से ग्रसित नवजात की देखभाल कैसे करनी है, इसके बारे में कर्मियों से पूछा। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों को वार्ड के बारे में कई बारीकियां बताई।
एक ही चिकित्सक के हवाले वार्ड है। उन्होंने चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने को कहा। वहीं वार्ड में अन्य व्यवस्थाओं को देखकर संतुष्टि जताई। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार के प्रयासों की सराहना की। वार्ड में निरीक्षण के दौरान डॉ. एबी सिंह मौजूद रहे।
बुखार से मासूम सहित दो की मौत, तीन को निकला डेंगू
एटा। जिले में बुखार से शनिवार को मेडिकल कॉलेज में एक वर्षीय मासूम की मौत हो गई। जबकि बुखार पीड़ित एक अन्य युवक को भी लाया गया। जिसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे के परिजन का कहना है कि पांच दिन पूर्व टीकाकरण कराया था। इसके बाद से बच्चे को बुखार आने लगा था। उधर, शनिवार को जिले में तीन डेंगू के पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
जिले में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। बड़ी संख्या में मरीज सीएचसी पीएचसी सहित मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचे रहे हैं। शनिवार को गांव भोगपुर निवासी कप्तान सिंह अपने एक वर्षीय बच्चे को इलाज के लिए लेकर पहुंचे। जहां बाल रोग विभाग में चिकित्सक वैभव गुप्ता द्वारा बच्चे को देखते ही आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। ले जाने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। कप्तान सिंह ने बताया कि पांच दिन पूर्व ब्लॉक से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पर आई थी। इस दौरान बच्चे को टीका लगाया गया।
टीका लगने के बाद से बच्चे को बुखार आने लगा। इस पर शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कर उसका उपचार कराया। शनिवार को नर्सिंग होम के चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां उसकी मौत हो गई। वहीं गांव चांदपुर जिंदाहार निवासी होरीलाल ने बताया कि उनके 35 वर्षीय भाई को चार दिन से बुखार आ रहा था। गांव के ही एक चिकित्सक से उपचार चल रहा था। शनिवार को हालत बिगड़ी और उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सक ने मृत बता दिया।
इसके अलावा जिले में शनिवार को शहर के मोहल्ला शांतिनगर निवासी प्रशांत गर्ग, गांव गदुआ निवासी तनु व मारहरा के नगला अगर निवासी अंशुल डेंगू पॉजिटिव आए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तीनों व्यक्तियों द्वारा प्राइवेट पैथोलॉजी पर कार्ड से जांच कराई गई है। जहां तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पोर्टल पर इसकी जानकारी मिली है।
जांच रिपोर्ट के इंतजार में फर्श पर पड़ी रही बालिका
इन दिनों बुखार का प्रकोप जारी है। बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज में बुखार से पीडित पहुंच रहे हैं। जहां चिकित्सक द्वारा उनकी जांच कराई जा रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट उन्हें समय से नहीं मिल रही है। शनिवार को गांव फफोतू निवासी अन्नू को बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर सुबह मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। परिजन ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे जांच को सैंपल दिया। पैथोलॉजी के कर्मियों ने दो बजे रिपोर्ट देने की बात कही। इस पर बच्ची फर्श पर दोपहर एक बजे तक पड़ी रही।
वायरल बुखार चल रहा है। सीएचसी-पीएचसी पर जांच-इलाज की सभी सुविधाएं हैं। स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव शिविर लगा रहीं है। बुखार से मौत हुई है, दोनों की जांच कराई जाएगी। हो सकता है कि मरीजों को कोई और भी समस्या हो। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ