सात सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेेशीय प्राथमिक शिक्षक आंदोलन की राह पर है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में शिक्षकों ने संकुल भवन पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारी शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि जनपदीय शिक्षकों को न्याय नहीं मिल रहा। न्यायालय के आदेश के बाद भी उन्हें बीएलओ जैसे गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं किया जा रहा। पदोन्नति जैसा स्वाभाविक न्याय भी नहीं मिल पा रहा। पांच वर्ष बाद भी पिछड़े विकास खंडों में तैनात शिक्षकों को विकल्प के अनुसार सामान्य तैनाती नहीं मिल रही। तीन जून को लिखित ज्ञापन देकर समस्या निस्तारण के लिए 72 घंटों का समय भी दिया गया था।
उन्होंने कहा कि मांगें न माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला उपाध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि बीएलओ ड्यूटी को लेकर जनपदीय शिक्षक-शिक्षिकाएं परेशान हैं। ऐसे में प्रशासन की धमकियां आक्रोश बढ़ा रही हैं। शिक्षकों के प्रति कोई उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलामंत्री नेम सिंह वर्मा ने विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पदोन्नतियां मई माह में प्रस्तावित थीं उन्हें जून में भी नहीं किया जा रहा। आंदोलनकारियों को सूरजपाल वर्मा, यज्ञदेव भारद्वाज, ऋषि चौहान, देवेंद्र सिंह यादव, डा.अमीर सिंह यादव, शैलेंद्र सिंह, दौजी राम, प्रवीन यादव, ज्ञानेंद्र पाल सिंह, जितेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया। संचालन ओमेंद्र सिंह ने किया।