एटा। जिला स्वास्थ्य समिति एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस संबंधी बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने चेतावनी दी कि जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना) के भुगतान में लारवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने समीक्षा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 10 फरवरी को किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा से समन्वय स्थापित कर सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों में एलबेंडाजॉल की टेबलेट पहुंचाई जाए। 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को ये खिलाई जा कसे। संस्थागत प्रसव की प्रगति को सुधारें। वीएचएनडी सत्र का नोडल अधिकारी नियमित रूप से भ्रमण करें। अति कुपोषित तथा कुपोषित बच्चों को चिह्नित करते हुए एनआरसी में भर्ती कराएं।
डीएम ने कहा कि सभी चिकित्सालयों में अग्निशमन से संबंधित उपकरणों को भी समय-समय पर चेक कराया जाए और उनकी एक्सपायरी डेट को भी जरूर चेक किया जाए। डीएफओ सुंदरेशा, सीएमओ डाॅ. यूके त्रिपाठी, सभी एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, एमओआईसी के अलावा डीआईओएस इंद्रजीत प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी मनवीर सिंह, डीएसटीओ प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।