प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल जनधन योजना महज खाता खुलने तक ही सीमित रह गई। खाते धारक को बीमा का लाभ मिला और न ही पांच हजार का ऋण। योजना के तहत मिलने वाले लाभ के बारे में बैंकों की उदासीनता सामने आई है।
मोदी सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इस अवधि में उनकी सबसे महत्वाकांक्षी जनधन योजना की हकीकत सामने आ रही है। बैंकों ने 284315 खाते इस अवधि में खोले हैं। इन खाते धारकों में तमाम आवेदक ऐसे हैं। जिन्हें आज तक अपना खाता नंबर तक नही पता। बैंके काम का बोझ अधिक होने का बहाना बनाकर पासबुक तक उपलब्ध नही करा रहे हैं। ऐसी स्थिति में खाता धारक बीमा का क्लेम कैसे करेगा? खाता धारक को पांच हजार का ऋण देने के लिए जो डेबिट कार्ड देने के वादे किए जा रहे थे। उन वायदे को भी बैंक पूरा नहीं कर रहे हैं।
आवेदन डाल दिए रद्दी में
योजना के तहत आवेदन करने वाले तमाम आवेदक आज भी ऐसे हैं जिनके खाते बैंकों ने नही खोले हैं। उनके आवेदन रद्दी की टोकरी में डाल दिए गए। ऐसे आवेदक बैंकों में चक्कर लगा रहे हैं।
राशन कार्ड और बैंक सब्सिडी के काम आ रहे खाते
योजना के तहत खाता खोलने से लोगों को बस एक लाभ मिला है कि उनके खाते राशनकार्ड और बैंक सब्सिडी के काम आ रहे हैं। खाते खुल जाने पर खाता धारकों ने इन दोनों योजनाओं के तहत खाते के नंबर लगाए हैं। इनमें से सब्सिडी का लाभ खाता धारक उठा रहे हैं।
बैंक में दस माह पहले खाता खुलवाया था लेकिन बैंक से आज तक डेबिट कार्ड नही मिला है। जब भी बैंक शाखा पर जाते हैं। जल्द मिलने का आश्वासन देकर टहला दिया जाता है।
- जवाहर खाता धारक
जनधन योजना के तहत अभी तक बीमा क्लेम के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नही हुआ है।
- बीके गुप्ता, प्रबंधक लीड बैंक