एटा-कासगंज में इस बार शुरू हो रही गेहूं खरीद में बिचौलिये किसानों को मुनाफा नहीं खा सकेंगे। पिछली बार की शिकायतों को देखते हुए शासन ने खाद्य विपणन विभाग को इस बार आढ़तियों से गेहूं लेने का आदेश जारी नहीं किया है। किसानों की गेहूं की फसल पर हमेशा बिचौलियों की नजर रहती है। ये लोग भाड़ा बचाने तो कभी अन्य लालच देकर किसानों की फसल को समर्थन से सस्ते दामों में खरीदते रहे हैं। पिछली बार भी मौसम की मार और मंडी रेट से परेशान किसानों को बिचौलियों ने काफी नुकसान पहुंचाया था। कासगंज में पिछले साल खरीद केंद्रों पर 13895.237 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इसमें किसानों की संख्या काफी कम रही। लेकिन इस बार शासन ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। अब सीधे प्रशासन द्वारा खोले गए क्रय केंद्रों पर ही गेहूं की खरीद होगी। खरीद का पैसा भी आरटीजीएस के जरिए सीधे किसानों के खाते में जाएगा। आरटीजीएस की सुविधा न होने पर किसानों को चेक से भुगतान की भी व्यवस्था की गई है।
तीन दिन बाद भी क्रय केंद्र नहीं तैयार
मंडी में 1400 से 1450 के खुले भाव
एटा। एक अप्रैल से प्रस्तावित गेहूं खरीद के तीन दिन बाद भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं के एक दाने की खरीद नहीं हुई है। जबकि जीटी रोड स्थित गल्ला मंडी में हर रोज गेहूं की आवक एक सौ से डेढ़ सौ क्विंटल बताई जा रही है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाने की वजह से किसानों को मंडी में शासन के समर्थन मूल्य से कम दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है।
जिले में इस बार गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के तीन, पीसीएफ के 52, यूपीएसएस के 15, यूपी एग्रो का एक और कर्मचारी कल्याण निगम के तीन क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें आधे से ज्यादा केंद्रों पर गेहूं खरीद की तैयारियां शून्य हैं। गेहूं खरीद के लिए डीएम ने सभी संस्थाओं से अपने-अपने केंद्रों की तैयारियों की सत्यापन रिपोर्ट तलब की थी, जो संस्थाओं की ओर से विपणन विभाग को सौंप दी गई है। मंडी में आए किसान राजेंद्र सिंह, गीतम सिंह और नेत्रपाल ने बताया कि अभी सरकारी गेहूं खरीद के शुरू होने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
शासन से आढ़तियों के जरिए गेहूं खरीद का कोई आदेश नहीं आया है। किसानों को भुगतान भी सीधे खातों में होगा। तो वहीं संस्थाओं ने अपने क्रय केंद्र के सत्यापन की रिपोर्ट सौंप दी है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
- जितेंद्र यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, एटा
गेहूं की खरीद में किसानों को लाभ नहीं मिल पाता। क्रय केंद्रों ंपर विचौलिए हावी रहते है। विचौलियों पर अंकुश लगाने को ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
- भगवान राघव, किसान नेता
गेहूं की खरीद में बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा। आरटीजीएस के जरिए किसानों का भुगतान होगा। किसान से पहचान पत्र लिए जाएंगे।
- जेया अहमद, खाद्य और विपणन अधिकारी कासगंज