फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब आनलाइन आलू-मक्का बेचेंगे किसान

Thu, 13 Oct 2016 12:04 AM IST
Amar Ujala
विज्ञापन
potato - फोटो : getty images
विज्ञापन
मंडी में 23 उत्पाद आनलाइन बेचेंगे जिले के किसान, मिलेगा उचित मूल्य   
विज्ञापन

आन लाइन ट्रेडिंग के लिए मंडी में हो रही तैयारी
जिले के किसान अब प्रदेश की 66 मंडियों में सीधे अपनी फसल बेच सकेंगे। एटा मंडी में किसान, गेहूं, मक्का, आलू समेत 23 फसलें आन लाइन ट्रेडिंग के जरिए बेच पाएंगे। नई व्यवस्था से जिले के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा। शासन ने मंडल में पांच मंडियों को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। जल्द ही एटा मंडी में जिले के किसानों आन लाइन फसल बेचने की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए मंडी में एनालिस्ट लैब बनाने की तैयारी में जुटे हैं।   
मंडियों से बिचौलियां की भूमिका खत्म कर किसानों और व्यापारियों को सीधे लाभ दिलाने के लिए ई-नाम (नेशनल एग्रीकल्चर व्यवस्था) शुरू की गई है। नई व्यवस्था में व्यापारियों की आईडी बनाई जाएगी। जहां से वह किसानों की फसल को बेच और खरीद पाएंगे। फिलहाल आन लाइन ट्रेडिंग होने पर फसल का भुगतान मैनुअल होगा, लेकिन आगे चलकर फसल का पैसा सीधे किसान के खाते में 24 घंटे में अंदर भेजने की व्यवस्था होगी।  मंडी एनालिस्ट दुर्गेश मौर्या का कहना है कि आन लाइन ट्रेडिंग आसान व्यवस्था है। नई व्यवस्था से मंडी में बिचौलियों और दलालों की भूमिका खत्म होगी। किसानों को उनकी फसल का अधिकतम मूल्य मिलेगा। ऑनलाइन व्यवस्था प्रदेश की 66, देश की 250 मंडी में लागू की जा रही है।
विज्ञापन


इन उत्पादों को ऑनलाइन ट्रेडिंग की मंजूरी
केला, बेर, बैगन, गोभी, बंदगोभी, गाजर, गेहूं, मसाले, ज्वर, मसूर, बाजरा, जौ, धान, सरसों, अरहर, अंडी चना, कपास, मूंगफली, आलू, प्याज, मिर्च, मटर, सोयाबीन, हल्दी, राजमा, नाशपाती, लीची, धनियां भिंडी, प्याज, मिर्च, मटर,और लहसुन समेत 23 उत्पाद शामिल हैं। आने वाले समय में आन लाइन ट्रेडिंग में कुल 69 उत्पाद शामिल होंगे। मंडी अफसरों की रिपोर्ट पर उत्पादों की संख्या बढ़ती जाएगी।   
विज्ञापन


तय होगा फसल का ग्रेड  
मंडी में चेकपोस्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। चेकपोस्ट से किसान की फसल की मंडी में एंट्री होगी। आन लाइन ट्रेडिंग के इच्छुक किसानों के उत्पाद का एंट्री प्वाइंट पर फसल का सैंपल लेकर लैब में जांच के बाद ग्रेड तय किया जाएगा। ट्रेडिंग के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि उत्पाद बेचने के लिए कितना समय है। आन लाइन ट्रेडिंग के लिए मंडी के व्यापारियों की आईडी बनाई जाएगी। उत्पाद के टेस्टिंग पैरामीटर आन लाइन हो जाएंगे। व्यापारी उसी आन लाइन पैरामीटर के हिसाब से बोली लगाएंगे। किसान के तैयार होने पर ही माल बिकेगा। इसके बाद सेल एग्रीमेंट बनेगा। आने वाले समय में भुगतान किसान के खातें में 24 घंटे में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें