पश्चिम बंगाल के आसन सोल में हुई सड़क दुर्घटना में बरई कल्याणपुर गांव के रहने वाले आरपीएसएफ के जवान राहुल गौड़ की जान चली गई थी। शनिवार शाम 7.30 बजे उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो परिवारीजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बटालियन मूंवमेंट के दौरान जवान के सिर में गंभीर चोट आने पर उसे सियालदह के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी जान चली गई।
अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव बरई कल्याणपुर निवासी रामकदम गौड़ का बेटा राहुल गौड़ आरपीएसएफ में 27 महीने पहले भर्ती हुआ था। इन दिनों वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल में तैनात था। हर छह माह में होने वाले बटालियन मूवमेंट के लिए वह असम के बोगियागांव गया था। वहां से लौटते समय तीन मई को आसनसोल में स्टेशन से आटो पकड़ते वक्त सिर के बल गिरने से गंभीर घायल हो गया था। आसनसोल रेलवे अस्पताल से उसे बीआर सिंह अस्पताल सियालदह रेफर कर दिया गया। जहां उसकी सांसें थम गईं। फोर्स के अधिकारियों ने जवान के निधन की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों में कोहराम मचा है। शनिवार शाम पिता रामकदम गौड़ आरपीएसएफ बटालियन के जवानों के साथ बेटे का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे तो परिवारीजनों और ग्रामीणों बिलख पड़े। बता दें कि राहुल की मां कुसुमलता एक दुर्घटना में घायल होने के बाद कोमा से बाहर आई हैं। राहुल की शादी नहीं हुई थी। उसकी तीन बहनें सरिता, अंकू, स्वीटी और एक भाई अजय अभी पढ़ रहे हैं। राहुल गौड़ का पार्थिव शरीर आने की सूचना के बाद भ्ीा जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जब अवागढ़ में पार्थिव शरीर जाम में फंसा तो स्थानीय लोगों ने जाम खुलवा कर पार्थिव शरीर निकलवाकर गांव भेजा। इस दौरान आरपीएसएफ के एसआई ने पुलिस कर्मियों को फटकार भी लगाई।