स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में पसरा सन्नाटा
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जिले में कुपोषण अपना पांव पसरता जा रहा है। इस समय जिले में 18 हजार बच्चे अतिकुपोषित, 28 हजार बच्चे आंशिक कुपोषित की श्रेणी में हैं। कुपोषित बच्चों की आए दिन सांसें थम रही हैं। पखवारेभर के भीतर ही पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती दो मासूमों की मौत हो चुकी है। फिर भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं। बुधवार को वजन और पोषण दिवस था। पर, ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहे। कार्यकर्ता और सहायिका गायब थी। ऐसे में साफ है कि कुपोषण से जंग लड़ने में महकमे के अफसर भी सो रहे हैं। विभाग का यह आलम तब है जब एक दो दिन में पोषण मिशन के जीएम एके वर्मा जिले का दौरा करने वाले हैं।
तस्वीर-एक
आंगनबाड़ी केेंद्र, शिवसिंहपुर
शहर के पास ही स्थित गांव शिवसिंहपुर में प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बुधवार सुबह 10.30 बजे ताला लटका था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका तो दूर, यहां कोई भी नहीं था। कुछ बच्चे जरूर केंद्र के बाहर खेल रहे थे।
तस्वीर-दो
आंगनबाड़ी केंद्र, पटियाली गेट
पटियाली गेट स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेें चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र का हाल भी यही था। स्कूल बंद चल रहे हैं, तो सुबह 10.45 बजे यह केंद्र भी बंद था। यहां पता चला कि सहायिका पीपल अड्डा पर किसी किराए के भवन में केंद्र चलाती हैं। वहां भी ताला लटका नजर आया।
तस्वीर-तीन
आंगनबाड़ी केंद्र, किदवई नगर
प्राथमिक विद्यालय किदवई नगर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर बुधवार को कुछ बच्चे खेलते मिले। इन बच्चों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र आवास विकास में चल रहा है। जहां सहायिका और कार्यकर्ता बच्चों को खिलाती और पढ़ाती मिलीं।
इनका कहना है
हर आंगनबाड़ी केंद्र को खोलने के निर्देश हैं। जो केंद्र बंद मिले हैं। उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सत्यप्रकाश, प्रभारी डीपीओ एटा