सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए खरीद का सरकारी मूल्य तो निर्धारित कर दिया है। शहर में एक खरीद केंद्र भी बना लिया गया है लेकिन अभी तक खरीद के मानक की गाइड लाइन नहीं भेजी है। जिसके चलते खरीद को अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जिले में 5310 हैक्टेयर मे आलू बोया गया। आलू की बंपर पैदावार हुई। लगभग 1.40 मीट्रिकटन आलू के उत्पादन का अनुमान है। इस आलू में से जिले में संचालित 11 कोल्ड स्टोरेज में 66245 मीट्रिकटन आलू का भंडार किया जा चुका है। जबकि काफी मात्रा में आलू प्रतिदिन की घरेलू उपयोग में खपत हो चुका है। शासन से खरीद के लिए 487 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद का मूल्य निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए अभी तक शासन से मानक निर्धारित होकर नहीं आए हैं। इसका ही इंतजार है जिले में आलू की चिपसोना, 1048, जीएम, हीरा चंबल, 3797 सहित कई वैरायटी पैदा होती है। इसमें भी अलग अलग साइज का आलू खोदाई के समय निकलता है। छर्री आलू काफी कम कीमत पर बाजार में बिकता है।
शासन के निर्देश पर खरीद के लिए उद्यान विभाग ने गल्ला मंडी परिसर में एक क्रय केंद्र निर्धारित कर यूपी स्टेट एग्रो को जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन गाइड लाइन न मिल पाने से उद्यान विभाग एवं खरीद एजेंसी यह समझ नहीं पा रही कि किसान को कौन सा आलू खरीदना है। आलू खरीदकर इसके भंडारण के लिए भी समस्या हो सकती है। कोल्ड स्टोरेज में जो क्षमता है उसके हिसाब से भंडारण हो चुका है।
आलू की खरीद के लिए गाइड लाइन आने का इंतजार किया जा रहा है। एक केंद्र व एक कोल्ड स्टोर भंडारण के लिए निर्धारित कर लिया है।
- एनडी त्रिपाठी, उद्यान निरीक्षक