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आक्रोशित लोगों ने सोरों गेट पर लगाया जाम

Fri, 02 Dec 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नोट बंदी की मार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोट बंदी की मार लोग झेल रहे हैं। बैंकों में नकदी का अभाव बना हुआ है। कुछ बैंकों में ही नकदी की उपलब्धता शुक्रवार को रही लेकिन ज्यादातर बैंकें खाली ही नजर आईं। परेशान लोग बैंकों के चक्कर लगा रहे थे। जहां पैसे की उपलब्धता थी वहां जरूरतमंदों की कतारें लगी हुईं थीं। नकदी न मिलने से परेशान लोगों ने शुक्रवार को सोरों गेट पर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोगों को पुलिस कर्मियों को समझाना भारी पड़ा। जाम लगने से बाजार की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई।
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नगर के सोरों गेट बाजार क्षेत्र में संचालित होने वाली ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में ग्रामीणों के अलावा दुकानदार कारोबारियों के खाते हैं। बैंक शाखा न्यू मार्केट के ऊपरीतल पर संचालित है। शुक्रवार को नकदी की व्यवस्था न देख खाताधारकों ने बैंक शाखा के नीचे बाजार में जाम लगा दिया। आक्रोशित लोग नकदी की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने आक्रोशितों को काफी समझाया। काफी देर तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। इसके अलावा यूनियन बैंक में भी पैसा नहीं था। खाता धारक सुबह के समय कोहरे के बावजूद बैंक के गेट पर मौजूद थे। स्टेट बैंक की शाखा में धन की उपलब्धता बनी हुई थी। यहां धन की निकासी के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी थीं। केनरा बैंक का सर्वर डाउन  था। पूर्वाह्न के बाद से ही सर्वर डाउन हो गया। कार्पोरेटिव बैंक में भी धन की उपलब्धता नहीं थी। बैंक ऑफ  बड़ौदा की शाखा पर धन न होने के बावजूद भी लाइन लगी रही। सेंट्रल बैंक पर धन न होने का बोर्ड लटका हुआ था। बैंक ऑफ इंडिया से भी दो हजार की निकासी की जा रही थी। ढोलना की ग्रामीण बैंक की शाखा में धन नहीं था। यूनियन बैंक की शाखा से केवल दो दो हजार की निकासी की जा रही थी। तीर्थ नगरी सोरों की बैंकों में भी तीन दिन के बाद भी धन की व्यवस्था नहीं हो सकी। लोग बैंकों के चक्कर काटते काटते परेशान हैं। बिरहरा के विजय सिंह ने बताया कि 8 दिन से बैंक के चक्कर काट रहा है लेकिन पैसा नहीं मिल रहा। उसके खेत खाली पड़े हैं।
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