एटा। ग्रामीण क्षेत्रों में निष्क्रिय हो चुके शौचालयों को फिर से उपयोग योग्य बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जा रहे रेट्रोफिटिंग अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। पंचायत सहायकों से कराए गए सर्वे में 94 हजार शौचालय खराब हालत में पाए गए थे। इनमें से अब तक 70 हजार शौचालयों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। जबकि, 24 हजार पर कार्य जारी है।
डीपीआरओ मोहम्मद राशिद ने बताया कि मरम्मत कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां काम पूरा हो रहा है वहां जियोटैगिंग भी की जा रही है। रेट्रोफिटिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और हजारों परिवारों को फिर से शौचालय सुविधा मिलने लगी है। ग्राम पंचायतों में मरम्मत शुरू होने के बाद ग्रामीणों में संतोष देखा जा रहा है। कई गांवों में पानी की कमी, टूट-फूट व निर्माण दोष के कारण निष्क्रिय पड़े शौचालय अब दोबारा क्रियाशील हो चुके हैं।