संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर हड्डियों को कमजोर करने वाली इस बीमारी के प्रति जागरूकता जरूरी है। इसकी समस्या से हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है जिससे वे कमजोर और नाजुक हो जाती हैं। ऐसे में मामूली चोट लगने या गिरने से भी हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन करीब 50 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. इशान अहमद ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस को साइलेंट बीमारी भी कहा जाता है। शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते।
बीमारी बढ़ने पर पीठ और कमर में दर्द, लंबाई कम होना, झुककर चलना और मामूली चोट में हड्डी टूटना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जोड़ों और घुटनों का दर्द केवल इसका कारण नहीं होता। ऐसी परेशानी होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर आहार लेना चाहिए। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल करें। शरीर में विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए चिकित्सक की सलाह लें।
नियमित रूप से पैदल चलना, संतुलन और वजन सहन करने वाले व्यायाम करना भी लाभकारी हैं। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचना चाहिए। बुजुर्गों को गिरने से बचाव के लिए घर में पर्याप्त रोशनी और फिसलन रहित फर्श का ध्यान रखना चाहिए।