एटा। राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत समूहों को समय से ऋण न उपलब्ध कराना अब बैंकों को महंगा पड़ सकता है। प्रमुख सचिव विकास व बैंकिंग ने इसके लिए उन सभी बैंकों के नाम व प्रबंधकों के नामों की सूची तलब की है, जो समूहों को समय से ऋण उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। ऐसे में यदि शासन से कोई कार्रवाई हुई तो केनरा बैंक की मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि इसी बैंक के पास सबसे अधिक समूहों की पत्रावली ऋण के लिए पड़ी हुई हैं। वहीं, बैंक ऑफ आर्यावर्त कुछ समूहों को ऋण उपलब्ध करा चुका है, लेकिन अभी भी उसके पास पत्रावलियां लंबित पड़ी हैं।
मुख्य विकास अधिकारी साहब सिंह की मानें तो एनआरएलएम के तहत 186 समूहों के लिए रिवोलविंग फंड जारी किया गया था। इसमें से बैंकों ने 106 समूहों को 50-50 हजार को ऋण उपलब्ध करा दिया है। बाकी बचे 80 समूहों को कुछ बैंक ऋण मुहैया नहीं करा रहे हैं। इसके लिए कई बार बैठकें व पत्र लिखकर बैंकों को दिशा निर्देश दिए गए। इसके बावजूद बैंक अधिकारी समूहों को ऋण नहीं दे रहे। इसके चलते कार्रवाई करने के लिए शासन ने इन बैंकों के नाम व प्रबंधकों का ब्यौरा तलब किया है। सबसे अधिक लापरवाही केनरा बैंक द्वारा बरती जा रही है। बैंक के पास 27 पत्रावलियां पड़ी हैं, लेकिन बैंक अपनी मनमानी के चलते समूहों को ऋण नहीं दे रही। वहीं, बैंक ऑफ आर्यावर्त कुछ समूहों को ऋण उपलब्ध करा चुकी है, इसके पास भी अभी 35 पत्रावलियां ऋण के लिए मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को बैठक भी बुलाई गई है।
बता दें कि जिले में अब तक आठ विकास खंडों में 628 समूह गठित किए जा चुके हैं। इसमें से 186 समूहों को रिवोलविंग फंड जारी किया गया है। ग्राम्य विकास विभाग की मानें तो जब इन्हीं समूहों को समय से ऋण उपलब्ध नहीं हो पाएगा तो बाकी बचे समूहों को कैसे संचालित किया जाएगा।
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समूहों के बैंकों पर भ्रष्टाचार के आरोप
एटा। समूह संचालकों का कहना है कि केनरा बैंक के लगातार चक्कर काट रहे हैं। फिर भी बैंक कर्मचारी ऋण उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। सीडीओ सहित ग्राम्य विकास विभाग ने भी इन बैंकों को समूहों के सहयोग के लिए पत्र लिखे हैं। इसके बाद भी बैंक लापरवाही बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। ऐसे में समूह बैंकों पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा रहे हैं।
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बैंक वाइज समूहों की पत्रावलियों का ब्यौरा
बैंक का नाम ऋण के लिए पत्रावलियां
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त 35
केनरा बैंक 27
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 03
पीएनबी 02
एसबीआई 12
बैंक ऑफ इंडिया 01
कुल 80