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हड़ताल से 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

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एटा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रीय कृत बैंकों के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिले में सौ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं हजारों उपभोक्ता बैंकों के चक्कर काटते दिखाई दिए। सुदूर ग्रामीण अंचल से आए लोग मायूस रहे। बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहराया। साथ ही मांग पूरी न होने पर अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
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भारत सरकार एवं बैंक संगठनों का बिगड़ता तालमेल बैंक उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। बैंक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। लोगों के काम बिगड़ रहे हैं। दो वर्ष बाद भी मांगें पूरी न होने के विरोध में बुधवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर राष्ट्रीय कृत बैंकों में हड़ताल रही। बैंकों के ताले भी नहीं खुले। कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। हड़ताल ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी। बैंक हड़ताल के चलते जनपद में सौ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन व अन्य कारोबार प्रभावित रहा।
इस मौके पर सुधीर जैन, सुबोध वर्मा, रत्नेश रतन, आरके गुप्ता, उमेश यादव, गजाधर सिंह, बीपीएस बघेल, कृपाल सिंह, बलवीर, सुरेश उपाध्याय, प्रेम कुमार, नरेश दिवाकर, रामबाबू, प्रतीक वार्ष्णेय, दिनेश प्रकाश आदि प्रमुख थे।
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नवंबर 2012 से प्रस्तावित वेतन समझौते को लेकर इंडियन बैंक एसोसिएशन टालमटोल कर रही है। आश्वासनों के बाद भी अनुपालन नहीं किया जा रहा।
-धर्मेंद्र सिंह चंदवरिया, क्षेत्रीय सचिव, स्टेट बैंक स्टाफ ऐसोसिएशन, एटा

मनमानी पर उतारू भारत सरकार बैंक स्टाफ के प्रति संवेदनहीन हो रही हैं। सेवाएं एवं लोड बढ़ाया जा रहा है लेकिन उन्हें पूर्व अनुबंध के अनुसार वेतन एवं सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। इसका विरोध जारी रहेगा।
-डीपीएस चौहान, आल इंडिया ज्वाइंट सेक्रेटरी आफिसर्स आर्गनाइजेशन


25 प्रतिशत वृद्धि की मांग एवं समझौते के बाद भी आईबीए मात्र 11 प्रतिशत बढ़ोत्तरी पर अड़ा हुआ है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
---जेपी गौड़, सहायक सचिव, उत्तर प्रदेश कैनरा बैंक एसोसिएशन, एटा

हड़ताल से भी बैंक को लाभ
एटा। हड़ताल से जहां कर्मचारियों को एक दिन का लाखों रुपये वेतन कटवाकर चपत लगी है। वहीं बैंकों को इससे भी अधिक का लाभ हुआ है। संगठन पदाधिकारियों के अनुसार एक दिनी हड़ताल से जनपद के तीन सौ से अधिक अधिकारियों कर्मचारियों का छह से सात लाख रुपये का वेतन काटा जाएगा। इतना ही नहंी वर्किंग डे में बिजली व अन्य मदों पर होने वाले हजारों रुपए भी बच गए। मालूम हो कि बैंक हड़ताल में आंदोलनकारियों का वेतन कटता है।

यह बैंक रहीं बंद
केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, ओवरसीज बैंक, सिंडीकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि शामिल हैं।
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