एटा। थाना सकरौली के गांव हंसपुर निवासी विनोद (35) का अपहरण कर हत्या कर देने के बाद ग्रामीणों व परिवारीजनों में काफी आक्रोश था। उनका था कि सूचना देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। यदि वह विनोद की तलाश करती तो शायद उनकी जान बच जाती और आरोपी भी पकड़े जाते।
सकरौली क्षेत्र के जरानीकलां चौकी के पास रविवार की रात आगरा-एटा मार्ग पर शव रखकर जाम लगाए बैठे परिवारीजनों का आरोप था कि वह अवागढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे थे। मगर एसएचओ ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। थाने से भगा दिया। पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विनोद की तलाश करती तो शायद उनकी हत्या नहीं होती। सीओ जलेसर का कहना है कि उनके पास दो महिलाएं आई थीं। उन्होंने विनोद के कहीं चले जाने की बात कही थी। इस पर उन्होंने कार्रवाई की बात कहकर विनोद की फोटो मंगाई थी, मगर वह नहीं लौटीं।
इधर, फुफेरे भाई चंद्रप्रकाश ने बताया कि शुक्रवार रात विनोद का फोन आया था। बताया था कि छत्रपाल सहित चार लोगों ने उनके तीन गोलियां मार दी हैं। इस समय वह अलीगढ़ थाना जवां के गांव जंगल गढ़ी के पास हैं। सूचना पुलिस को दी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार सुबह विनोद का शव थाना जवां पुलिस ने बरामद किया।
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जाम-पथराव पर 125 लोगाें के विरुद्ध रिपोर्ट
एटा। आगरा-एटा मार्ग पर जाम लगाने तथा पथराव करने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। जरानीकलां चौकी इंचार्ज ने 30 नामजद सहित 125 लोगों के विरुद्ध सरकारी काम में बाधा डालने पर थाना सकरौली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जाम से हुए बेहाल, पथराव से सहमे
एटा। करीब चार घंटे तक लगे जाम से यात्रियों का बुरा हाल हो गया। रोडवेज बसों, अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ यात्री सो भी गए, मगर जब ग्रामीणों ने पथराव किया तो वह भी जाग गए। पथराव होते देख सभी सहमे नजर आए।
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ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में उनके सिर व हाथ आदि में चोटें आई हैं। पथराव होने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। तब जाकर किसी तरह जाम खुल सका। करीब चार घंटे तक आगरा-एटा मार्ग जाम रहा।
- राघवेंद्र सिंह चौहान, सीओ जलेसर